दो प्रमुख प्रकाशनों में प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया है कि रूस में एक पैटर्न उभर रहा है जिसे स्थानीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संवाददाताओं ने 'ब्लैक विडोज़' कहा है। इसके तहत कुछ महिलाओं को या अन्य परिचितों को सैनिकों के साथ युद्ध-पूर्व तात्कालिक विवाह करने के लिए मनाने का आरोप लगाया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक ऐसे विवाहों का नतीजा यह होता है कि यदि सैनिक युद्ध में मारे जाते हैं तो नई पत्नी कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में राज्य का निर्धारित मृत्यु-पुनर्भुगतान पाने की स्थिति में आ जाती है; इससे सैनिक के माता-पिता, बच्चे या अन्य पारिवारिक सदस्य मुआवज़ा से बाहर रह जाते हैं।

प्रकाशनों में यह भी कहा गया है कि यह प्रति‑क्रिया तब सामने आई है जब युद्ध संबंधित हताहत बढ़ रहे हैं और मीडिया ने इन बातों को उठाया है। उपलब्ध कवरेज ने इस व्यवहार को सामाजिक और नैतिक चर्चा का विषय बनाया है और इसे सार्वजनिक ध्यान दिलाया है।

विवरणवार मामलों, मुआवज़ा राशि, अदालतीन परिणाम या आधिकारिक जवाब के संबंध में जिस तरह की अलग‑अलग जानकारी मीडिया में आई है, वे स्रोतों के साझा विवरणों पर निर्भर करते हैं; इस रिपोर्ट में सिर्फ़ उन्ही तथ्यों को रखा गया है जो प्रकाशित रिपोर्टों में पारस्परिक रूप से पुष्ट हैं।

संदर्भ स्रोतIndian Express WorldNDTV WorldNDTV Latest
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