अमेरिकी मीडिया और सार्वजनिक अभिलेखों के परीक्षण पर आधारित संयुक्त रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में सक्रिय‑सेवा सैनिकों के कम से कम 50 से अधिक माता‑पिता और जीवनसाथी को इमिग्रेशन हिरासत में लिया गया। इनमें से कम से कम छह लोगों को निर्वासित किया जा चुका है और कुछ अभी भी संघीय प्रवासन हिरासत में बने हैं।
रिपोर्टों में कहा गया है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की संभावना है क्योंकि संघीय स्तर पर सैनिक परिवारों पर हुई हिरासत की अलग से आधिकारिक गिना‑जोखा उपलब्ध नहीं है। जांच में उपयोग किए गए एकत्रित फेडरल कोर्ट रिकॉर्ड और सार्वजनिक डेटाबेस को मिलाकर यह आंकलन तैयार किया गया।
विशेषज्ञों और अभिलेखों के विश्लेषण से यह भी सामने आया कि कई मामलों में रिश्तेदार उन कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से अपने दर्जे को नियमित कराने के लिये सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराते समय या उसी प्रक्रिया के भीतर हिरासत में लिए गए। इससे पारिवारिक जीवन और देखभाल‑व्यवस्था पर असर पड़ा है और कुछ मामलों में सक्रिय सेवा सदस्यों की तैनाती या कर्तव्यों में व्यवधान आने की जानकारी मिली।
रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि 2025 की एक नीतिगत लाइन‑नोट के बाद प्रवासन प्रवर्तन के दायरों का दायरा व्यापक हुआ, और अब प्रशासन का रुख यह है कि केवल सैन्य सेवा होने से स्वचालित रूप से वैध प्रवासीय दर्जा नहीं मिल जाता और नियमों के उल्लंघन पर प्रवासन क्रियाएं लगाई जा सकती हैं। गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने संबंधित मामलों पर समीक्षा होने और कुछ मामलों में पहले से निष्कासन आदेश, पूर्ववर्ती निष्कासन या आपराधिक अभिलेख होने की बात कही है और कहा गया है कि नियम लागू होते हैं।
इसी दौरान अमेरिकी सेनाएँ भर्ती‑संदेशों में पारिवारिक‑लाभों का उल्लेख जारी रखती दिखी हैं; आलोचक इसे विरोधाभास बताते हैं क्योंकि कुछ अपीलें 'पैरोल‑इन‑प्लेस' जैसे अभियानों के अंतर्गत की जा रही थीं। रिपोर्ट करने वाले निकायों ने बताया कि यह पहला व्यवस्थित लेखा माना जा रहा है जो सक्रिय सेवा सदस्यों के निकटतम रिश्तेदारों पर हुए हिरासत‑और‑निष्कासन के मामलों का दस्तावेजी संकलन प्रस्तुत करता है।

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