झारखंड उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राज्य सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी जिसमें 22 भर्ती परीक्षाओं और उन पर आधारित नियुक्तियों को रद्द किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान रद्दीकरण के आदेश को रोका और सरकार से 15 दिनों में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने संबंधित याचिकाकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से कार्य फिर से शुरू करने की अनुमति भी दी। (India Today, ABP News)
सरकार ने कुछ दिनों पहले JPSC, JSSC और बाहरी एजेंसी TDPL द्वारा 2014 से आयोजित की गई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद 22 परीक्षाओं को रद्द करने तथा 23 अन्य मामलों की जांच का आदेश दिया था। यह कदम JPSC–JSSC सुधार मंच के 26 दिवसीय आंदोलन के बाद आया, जिसने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की थी। (India Today, NDTV)
रद्दीकरण के निर्णय का विरोध उन लगभग 2,000 सफल उम्मीदवारों ने भी किया जिन्होंने परीक्षा क्लियर कर सरकारी पदों पर नियुक्तियाँ पा ली थीं; वे कहते हैं कि बिना सुनवाई या जांच के सभी सफल उम्मीदवारों को सेवा से हटाना अनुचित होगा। इन उम्मीदवारों ने उच्च न्यायालय में चुनौती दायर की थी, जिसके बाद आज का अस्थायी राहत आदेश आया। (India Today, ABP News, Times of India)
राज्य सरकार ने इस विवाद के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल को सौंपी गई है, और सरकार ने अधिकारियों/विभागों में सुधार व तेज़ सुनवाई के उपायों के संकेत दिए हैं। जांच में CID और SIT सक्रिय हैं और कुछ गिरफ्तारियों की जानकारी भी मीडिया रिपोर्ट्स में दर्ज है। (Times of India, NDTV, India Today)
अंतरिम आदेश से मामलों की आगे की सुनवाई तक रद्दीकरण का प्रभाव निलंबित रहेगा; उच्च न्यायालय ने आगे की प्रक्रिया के लिए सुनवाई जारी रखने का संकेत दिया है।

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