सरकार पीएम केयर्स फंड का इस्तेमाल स्कूलों के निर्माण् मे करे=अभिजीत

पीएम केयर्स फंड के खातों में पड़े 8400 करोड़ अधिक की रकम का खुलासा होने पर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार से यह मांग की हैं कि इस फंड का इस्तेमाल उन सरकारी स्कूलोंं के उन्नयन और मरम्मत में करे जो जर्जर हालत में हैं। देश में लाखों की संख्या में सरकारी स्कूल हैं जहां बच्चे टपकती छतों के नीचे पड़ रहे हैं। जहां मूलभूत जरूरी सुविधायें जैसे गर्मी में पंखे, छात्र छात्राओं के लिये शौचालय बनाये जायें। उनके समुचित विकास के लिये खेल मैदान बनायें। अगर सरकार की मंशा सही है तो 84 सौ करोड़ की धनराशि में एक हजार से अधिक आधुनिक सुविधाओं से लैस सरकारी स्कूल बन सकते हैं। फिलहाल सीजेपी पूरे जोश खरोश से देश के अनेक हिस्सों में जा कर विद्यालय ठीक करो मिशन के तहत सरकारी स्कूलों का आडिट कर रही है।

2020 में बने पीएम केयर्स फड का जिन्न एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कैग ने एक रिपोर्ट में बताया है कि इस निजी फंड में अभी भी 8400 करोड़ से अधिक की राशि बैंकों में जमा है और उस पर भारी ब्याज कमाई जा रही है। यह फंड कोबिड 19 के आपात काल मे निजी फंड बनाया गया था। लेकिन इस बात को गुप्त रखा गया था कि यह एक निजी फंड है। इस फंड की ब्रांडिंग पीएम मोदी ने खुद की थी। पीएम मोदी ने विज्ञापनों के जरिये देशवासियों से परेशा​नी के समय इस फंड में आर्थिक मदद करने की अपील की थी। तीन शेर की मुहर औ​र विज्ञापनों में पीएम मोदी को देख लोगों को लगा कि यह एक सरकारी फंड है। इसलिये हर किसी ने सरकारी फंड समझ अपनी हैसियत के अनुसार राशि जमा की। उस समय सरकर की ओर से यह कहा गया कि भीषण लाइलाज कोरोना से जूझ रहे देश की मदद कर सरकार की मदद करिये। किसी को जरा भी अंदाजा नही था कि यह एक निजी फंड है। लेकिन कुछ लोगों ने इस बात पर सवाल उठाये थे कि जब देश में पीएम राष्ट्रीय आपदा राहत कोष है तो एक नये फंड को क्यों बनाय गया। लेकिन सरकार की ओर से कोई उचित जानकारी देना उचित नहीं समझा।

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