पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का देहांत दिल्ली के सैफदरजंग अस्पताल में हुआ। दोनों रिपोर्टों के अनुसार उन्हें अस्पताल पुलिस समेत लाया गया और चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया। अस्पताल ने उनके पिछले रोगों में उच्च रक्तचाप और पार्किंसन्स रोग का विवरण दिया (The Hindu)।

सज्जन कुमार पर 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े कई मुकदमों में दोषसिद्धि हुई थी और उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2018 में एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी; बाद में अन्य मामलों में भी जीवन-पर्यंत कारावास के फरमान पारित हुए (The Hindu, Indian Express)।

एक जनवरी 2026 की सुनवाई में एक मामले में उन्हें साक्ष्यों की कमी बताकर निर्दोष ठहराया गया था, पर वे तब भी तिहाड़ जेल में अन्य लंबित दोषसिद्धियों के चलते बंद थे (The Hindu, Indian Express)।

उन पर 1984 हिंसा के अलग-अलग मामलों में हत्या, सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने और आपराधिक साजिश के आरोप चल रहे थे; इन मुकदमों की जांच और चार्जशीट विशेष जांच दल और पुनःजांच के बाद दाखिल की गई थीं (Indian Express, The Hindu)।

कानूनी प्रक्रियाओं में मंत्री या पार्टी के किसी आधिकारिक बयान का हवाला मौजूद रिपोर्टों में शामिल नहीं है।

संदर्भ स्रोतThe Hindu DelhiIndian Express Delhi
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