अमेरिकी ट्रेज़री सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने अगस्त 2026 में कहा कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ ‘‘इतिहास की सबसे सख्त’’ पाबंदियों (sanctions) का एक नया पैकेज लाएगा और इसकी विस्तृत घोषणाएँ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आने का संकेत दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह आर्थिक अभियान ईरान को अलग-थलग करने और किसी बड़े पैमाने के सैन्य ऑपरेशन की आवश्यकता घटाने के उद्देश्य से होगा। (रिपोर्टों के अनुसार बेसेन्ट ने CNBC को यह जानकारी दी।)
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इससे एक दिन पहले आर्थिक कार्रवाई को ‘‘इकॉनोमिक वॉरफेयर’’ करार देते हुए उन देशों और संस्थाओं को चेतावनी दी थी, जो ईरान को किसी प्रकार की वित्तीय या वाणिज्यिक मदद देंगी। अमेरिकी योजनाएँ तेल-सम्बंधित नेटवर्क, नकदी-तार, एक्सचेंज हाउस, जहाज़ पंजीकरण और फ्रंट कंपनियों पर कड़ी नज़र रखने को शामिल करती हैं, ताकि ईरान की आर्थिक लाइफलाइनें काटी जा सकें।
अमेरिका ने वैश्विक साझेदारों, विशेषकर चीन से सहयोग की अपील की है क्योंकि चीन ईरानी समुद्री तेल का एक बड़ा खरीदार बना हुआ है; बीजिंग ने सार्वजनिक रूप से कहा कि दबाव और प्रतिबंध समस्या का समाधान नहीं हैं और राजनैतिक-डिप्लोमैटिक रास्ते अपनाने का आग्रह किया।
इन घोषणाओं के बाद वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई, और वॉशिंगटन ने अपने संदेश में उल्लिखित आर्थिक समाधान को युद्धविराम के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।

टिप्पणियां 0