मोदी सरकार ने दिया युवाओं को धोखा, पांच से फिर होगा प्रदर्शन

केन्द्र सरकार पर लगाया धोखा देने का आरोप

केन्द्र की मोदी सरकार पर सीजेपी ने यह आरोप लगाया है कि समझौते के समय सरकार ने जो वायदे किये थे उन वादों को सरकार पूरा करने में आनाकानी कर रही है। सरकार ने यह वादा किया था कि जिन प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने फर्जी केस दर्ज किये हैं उन्हें खत्म किये जायेंगे एक माह बीतने जाने के बाद भी सरकार ने वो मामले खत्म नहीं किये हैं। नीट पेपर लीक होने की वजह से जिन बच्चों ने अपनी जानें दी उनके परिजनोंं को 1 एक करोड़ देने का आशवासन दिया था वो भी पूरा नहीं किया गया है। इसलिये सीजेपी ने एक बार फिर से दिल्ली के जंतर मंतर पर पांच सितंबर से राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। केन्द्र की मोदी सरकार की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने मोदी शाह की नकेल कस रखी और मोदी शाह पूरे सत्र में सदन की कार्यवाही में भाग लेने की हिम्मत नहीं जुटा सके। दूसरी ओर कॉक्रोच जनता पार्टी के आंदोलन से सरकार की चूल्हें हिली हुई हैं। आंदोलन के चलत मोदी सरकार को अपना शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा। इस आंदोलन की वजह से मोदी सरकार और बीजेपी को आने वाले विधानसभा चुनावों में होने वाले नफा नुकसान की चिंता सताने लगी

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गलतबयानी की

सीजेपी ने कहा है कि समझौते के दौरान केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया था कि सीजेपीे की सभी मांगे मान ली गयी हैं। लेकिन एक माह बाद भी सरकार ने कोई मांग पूरी नहीं की हैं। न तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिये हैं। और न ही सरकार ने इस बात का जवाब नहीं दिया कि किसके आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर 20 जुलाई को संसद मार्ग पर बर्बर लाठीचार्ज, टियर गैस गोले, पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। न ही पुलिस की मनमानी और महिलाओं के साथ बदसुलूकी और अश्लील हरकत करने वाले पुलिस कर्मचारियों और अफसरों पर कोई कार्रवाई की है। इससे सीजेपी में रोष व्याप्त है आगामी योजना के तहत सरकार को सबक सिखाने के लिये दिल्ली के जंतर मंतर पर देश भर के युवाओं को प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया है। सुप्रीमकोर्ट ने इस मामले में एक हाई पावर इंक्वायरी बनायी है जिसमे एक हाईकोर्ट के रिटायर व दो रिटायर पुलिस अफसर हैं उन्हें जल्द से जल्द लाठीचार्ज की जांच कर रिपोर्ट सौंपने की बात कही है।

पुलिस ने कहा अपराधियों के खिलाफ केस खत्म नहीं हो सकते

दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीजेपी के प्रदर्शन में लगभग तीन हजार के करीब आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल थे उन पर गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के इस बयान पर सीजेपी के अभिजीत दीपके का कहना है कि दिल्ली पुलिस का यह तर्क बिल्कुल वाहियात है। उन्हें यह बताना चाहिये कि जहां सभी प्रदर्शनकारियों की आते जाते समय पुलिस जांच करती थी वहां ये आपराधिक लोग वहां पहुंच कैसे गये हैं। आज भी दिल्ली पुलिस प्रदर्शन करने वाले युवाओं को जांच के बहाने उत्पीड़न कर रहे हैं।

मोदी सरकार को घुटनों पर ला दिया सीजेपी ने

तीन माह पहले बनी सीजेपी ने मोदी शाह की जिंदगी में तहलका मचा दिया है। इतना तो पूरे 12 साल में विपक्ष ने परेशान नहीं किया जितना युवाओं के आंदोलन ने उनकी सरकार को कर दिया है। खासतौर से जेन जी और जेन अल्फा ने पूरे देशभर में केन्द्र सरकार और पीएम मोदी को सवालों के कठघरें में खड़ा कर दिया है। 12 साल त्तक देश पर बेखटके राज करने वाले मोदी शाह ने अपने आईटी सेल की मदद से विपक्षी दलों के नेताओं का चरित्र करवाया पूरा देश जानता है। लेकिन पिछले तीन माह में युवाओं ने उनकी सोशल मीडिया टीम को पानी पिला दिया है। युवाओं से पंगा लेना मोदी सरकार को काफी महंगा पड़ा है। पीएम मोदी को इसका निजी तौर पर खामियाजा भुगतना पड़ा। जंतर मंतर पर सीजेपी के आंदोलन के दौरानयुवाओं और लडकियोंं ने मीम्स, रील्स् और पोस्टर्स के जरिये पीएम मोदी को औकात पर ला दिया। इंस्टाग्राम पर मितरों कहने वाले पीएम हैलो फ्रेंड्स पर उतर आये लेकिन वहां वो अपना करिश्मा नहीं दिखा पाये समझ गये कि युवाओं के बीच उनकी दाल गलने वाली नहीं है।

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