देश को सिविल वार में झोंकने की साजिश!
इंडिया ब्लाक की एकजुटता से मोदी शाह सन्न
सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी नहीं मान रही मोदी सरकार
दस अक्टूबर को जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस ने जिस तरह की हैवानियत सीजेपी और पत्रकारों प्रदर्शनकारियों पर दरिंदगी दिखायी उसको देखकर सुप्रीम कोर्ट काफी नाराज दिखा। उसने दिल्ली पुलिस के अफसरों को नोटिस दे कर जवाब मांगा कि आखिर हमारे आदेश के बावजूद मेट्रो और ट्रेंस का आवामन क्यों रोका गया। जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को नियंत्रण करने के लिये किसके आदेश पर ऐसा किया गया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने यह भी पूछा कि दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के वकीलों और पत्रकारों के किसके आदेश पर लाठियां चलाने और डिटेन करने का आदेश किसने दिया। महिला पत्रकारों को सरेआम सड़कों पर दौड़ा दौड़ा की पीटा और डिटेन किया गया। आजाद हिन्दूस्तान में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात दिखे। इसके साथ ही मंतर जंतर पर अराजक तत्वों ने पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शकर रहे युवाओं को बुरी तरह पीटा।
अराजकता करने की छूट किसके आदेश पर
पुलिस वहां उन गुंडों को पकड़ने या कार्रवाई करने की जगह उनके बचाव में दिखी। साफ दिख रहा था कि इन गुंडों को दिल्ली पुलिस की शह मिली थी। गुंडों को वहां पहुंच कर उपद्रव करने और मिली इस बात की जांच की मांग हो रही है। इस मामले में जब ज्यादा हल्ला हुआ तो चार गुंडों की गिरफ्तारी हुई अगले दिन हिन्दू संगठन ने इन छूटे हुए लोगों का स्वागत किया। पिंकी चौधरी ने वीडियो डाल कर दिया कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई का कोई डर नहीं है। पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर रोकने के लिये हजारों की संख्या में सुरक्षा बल लगा दिया गया। वहीं दूसरी ओर अराजक तत्वों प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने को रोकने के लिये पूरी दिल्ली को बंधक बना लिया गया है।राहुल और इंडिया ब्लाक के आगे चाणक्यगिरी फेल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी य स्तर पर दिल्ली चलो अभियान की कॉल दी है। इसके तहत वो दिल्ली के सुप्रीमकोर्ट के सामने देश बचाने के विषय पर देश के सभी नागरिकों के साथ पहु्ंचने का अभियान बनाया है। लेकिन दूसरी तरफ सीजेआई सूर्यकांत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका खरगे से मुलाकात करने से साफ मना कर दिया। इस बात को लेकर राहुल गांधी ने अनेक मुददों को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार और मोदी शाह पर प्रेसवार्ता करने का एलान कर दिया है। फिर से देश की राजधानी दिल्ली में सरकार के लिये तनाव के लिये माहौल बना दिया है। वैसे भी सीजेआई सूर्यकांत विवादों में घिरे दिख रहे हैं। इसी साल मई माह में सूर्यकांत ने युवा लोगों के संबंध एक विवादित बयान देते हुए नौजवानों को कॉक्रोच बोल कर सीजेपी के निर्माण की आधारशिला रखी है। उनके बयान के एक दिन बाद ही सीजेपी की नींव पड़ गयी थी। तब से सीजेआई विवादों में घिर गये। उनको सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया गया। तब जा कर उनको सफाई भी देनी पड़ी। राहुल के प्रस्ताप पर सीजेआई का यह रवैया उल्टा पड़ गया है। युवाओं के बीच सीजेआई के अटपटे बयान गलत संदेश दे रहे है

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