विपक्ष की एकजुटता से मोदी शाह हताश, मोदी शाह के खिलाफ एकजुट हुआ इंडिया ब्लाकदेश की राजधानी दिल्ली में रोज कुछ न कुछ ऐसा हो रहा है जिससे देश दुनिया में चर्चा में दिल्ली आ जाती है। मोदी सरकार को कुछ भी सूझ नहीं रहा है कि किस तरह विपक्ष और सीजेपी के आंदोलन को रोका जा सके। वो जितना मामला समेटना चाह रही है उतना ही गुत्थी उलझती जा रही है। जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को वो पूरी तरह पुलिस और सुरक्षा बल के बल पर कुचला जा रहा है। 12 अक्टूबर को सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर मंतर पर तिरंगा लहराने के अपराध में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने एसीएम के सामने दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका पेश किया और वहां से एसीएम ने उन्हें 5 दिनों के लिये न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीजेपी और कांग्रेस समेत इंडिया ब्लाक के नेताओं ने मोदी सरकार की तानीा ताना शाही कहा है। सबने ने कहा कि मोदी शाह को पूरे देश में अघोषित आपातकाल लगा दिया है। बताते हैं कि कुछ दिनों पहले गृहमंत्रालय ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिये प्रतिबंध लगा दिया। प्रदर्शन के लिये होम मिनिस्ट्री ने रामलीला मैदान, बुराड़ी और सीबीडी ग्राउन्ड के नाम सुझाव हैं लेकि सीजेपी और कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का विरोध करा है। सरकार अपनी मनमानी नहीं कर सकती है।मोदी सरकार ने जंतर मंतर को लेकर किया बड़ा एलानसीजेपी और इंडिया ब्लाक के प्रदशनों ने निपटने के लिये एक बचकाना फैसला लिया है। होम मिलिस्टरी ने यह फरमान जारी किया है कि अब से कोई भी संस्था राजनीतिक दल जंतर मंतर पर प्रदर्शन नहीं कर सकता है। इस प्रकार की एडवाइजरी गृहमंत्रालय ने जारी की है। तीन जगहों के नाम सरकार की तरफ से किया गया है उनमें एक बुरारी दूसरा नाम शाहदरा के सीबीडी ग्राउन्ड है। इस बात को लेकर पूरा विपक्ष सरकार के इस फैसले का विरोध जताना शुरू कर दिया है। तर्क यह दिया जा रहा है कि आम जनता को इन प्रदर्शनों से काफी दिक्कतें हो रही है। वहीं तरफ इसके विरोध में नेताओं का कहना है। धरना प्रदर्शन इसी लिये ऐसी जगहों पर किया जाता है। उनकी बातें —मांगें सरकार के कानों तक पहुंचे। इसके साथ ही एक और तुगलकी फरमान जारी किया है कि अब से जो भी प्रदर्शन करने की बात करेगा उसे में एक लाख 21 हजार की अग्रिम राशि जमा करनी होगी। इस बात को लेकर सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने सरकार को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि अभी तक जंतर मंतर पर जो भी धरना मोर्चे निकाले जाते हैं उनसे किसी भी प्रकार की फीस चार्ज नहीं होती है।देश को सिविल वार में झोंकने की साजिश!
—बार देखा गया
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