दीपके आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा और रत्ना सिंह को किया अरैस्ट16 अक्टूबर देश भर में इतिहास बनाया है। ऐसा लग रहा है कि देश में मौजूदा केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहा है। पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी पर युवाओं ने पानी फेर दिया। सरकार की अम्मीदों को युवाओं ने अपने जोश और जुनून से भारी झटका लगा। इस अभियान को फेल करने के लिये सरकार ने दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बल के हजारों जवानों को लगाया था। लेकिन युवाओं और दिल्लीवासियों ने तिरंगा फहराने कार्यक्रम को जोश ओ खरोश से संपन्न करा। इससे पूरे देश में यह संकेत गया कि सरकार के प्रति जनता का विश्वास उठ चुका है।सुप्रीमकोर्ट के आदेशों दिल्ली पुलिस ने दिखाया ठेंगा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर से अवमानना की। इस बात से पूरे देश में यह चर्चा है कि मोदी सरकार की शह पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया गया। पूरे देश में सरकार की नीतियों और मंशा के खिलाफ आंदोलन और मोर्चे निकाले जा रहे है। ऐसे में मोदी सरकार सामने न आ कर पुलिस और सुरक्षा बलों को आगे कर उनका अपमान और अत्याचार करा रही है। दिल्ली के जंतर मंतर सुरक्षा बल और पुलिस के वहशीपन से उनको पीट रहे हैं। इस दौरान जवानों ने न केवल प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया बल्कि पत्रकारों और सुप्रीमकोर्ट के वकीलों को भी सुरक्षा बलों न केवल उन्हेंं अपमानित किया बल्कि उन्हें भी अवैध ढंग से डिटेन भी किया। इस बात को लेकर कुछ वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट के वकीलों कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण, अभिषेक मनु सिंहवी, महमूद प्राचा और भानुप्रताप ने सीईसी ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग करते हुए सुप्रीमकोर्ट के सामने विरोध प्रदर्शन किया।सीपी में सीजेपी के झण्डा लहराने को रोकने के लिये पुलिस ऐक्टिव16 अक्टूबर को सीजेपी ने दिल्ली के सीपी में तिरंगा लहराने का आह्वान किया है। ऐसे में सरकार ने 25 हजार सुरक्षा जवान दिल्ली के सीपी और उसके आस पास तैनात करने का मन बना लिया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शकारियों से निपटने के लिये दिल्लीवासियों को बंधक बनाया है ऐसा आरोप सीजेपी संयोजक अभिजीत दिपके ने लगाया है। इतना ही नहीं दीपके ने 16 की सुबह एक प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार की मंशा पर शक जताते हुए कहा कि देश में सरकार ने यह हालात बना दिये हैं कि आम आदमी को देश की आन बान शान का प्रतीक आजादी के प्रेरणा तिरंगे झण्डे को फहराना भी अपराध हो गया है। सीजेपी के दो नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को इस लिये जेल भेज दिया क्यों कि वो लोग सार्वजनिक स्थल पर तिरंगा झण्डा फहराया। केन्द्र की मोदी सरकार ने आम जनता और युवाओं का विश्वास खो दिया। उन्होंने कहा उनके दिल्ली आवास के आस पास आईबी और पुलिस के जवान भारी तादाद में तैनात कर दिये हैं। दीपके ने यह भी कहा कि हो सकता दिल्ली पुलिस उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी कर सकती है।तिरंगा लहराने पर सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने जेल भेज रखा है। पुलिस के सामने अराजक तत्वों ने न केवल प्रदर्शनकारियों को बुरी तरह पीटा बल्कि प्रदर्शन के समर्थन में आयी लड़के लड़कियों को सड़क पर बुरी तरह गिरा कर पीटा। पुलिस के इस रवैये और निकम्मेपन पर शनिवार 17 अक्टूबर को भी सुनवायी जारी है।
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