केन्द्र सरकार का तुगलकी फरमान, प्रदर्शन करने के लिये देने होंगे सवा लाख

मोदी सरकार के तुगलकी फरमान के खिलाफ एक जुट हुआ विपक्ष

केन्द्र गृहमंत्रालय के निर्णय पर दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। यह साफ है कि अब किसी को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। विपक्ष और सामाजिक संथाओं ने केन्द्र के इस नये आदेश पर कड़ी आपत्ति जतायी है। जतर मंतर पर सरकार द्वारा आवंटित जगह है जहां सरकार ने ही अनुमति दी है। प्रदर्शन ऐसी जगहों पर ही किया जाता है जहां सरकार और प्रशासनिक कार्यालय हों उनकी मांग सरकार के कानों तक पहुंचे सरकार उनके प्रदर्शन के इस अधिकार को छीनने की साजिश कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि अब प्रदर्शन करने वालों को सवा लाख रुपये भी सरकार के खाते में जमा करना होगा।

समाचारों के केन्द्र में जंतर मंतर

पिछले पांच माह से देश में दिल्ली का जंतर मंतर सुर्खियों में बना हुआ है। लोगों का मानना है कि मई में बनी काक्रोच जनता पार्टी और केन्द्र सरकार के बीच जो संघर्ष छिड़ा हुआ है इसकी वजह से जंतर मंतर पर लगातार देश दुनिया में चर्चित है। 20 जुलाई को सीजेपी ने शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार औश्र मनमानी के खिलाफ संसद मार्च किया था। उस मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की बर्बर कील लगी लाठीर्चाज किया गया। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शाकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के मानसून सत्र में इसी विषय को लेकर सरकार को घेरा था। उन्होंने पूछा कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन और एके 47 का इस्तेमाल किसके आदेश पर किया गया। सरकार ने इस मामले में चुप्पी साधी और संसद के सदन में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित ने जाने की हिम्मत नहीं दिखायी। पूरे सत्र में प्रदर्शन और उसको तोड़ने की धमक सुनायी दी। इस मामले पर इंडिया ब्लाक ने यूनिटी दिखाते हुए सरकार को बैकफुट पर ला दिया।

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