क्या देश की महामहिम का जमीर जिंदा है
महिला आयोग का वजूद मर गया है!
पिछले एक माह से देखा जा रहा है कि महिलाओं के यौषण और उत्पीड़न के मामले में सरकार और मेन स्ट्रीम मीडिया का रवैया बहुत ही अफसोसजनक है। ताजा मामला लोकगायिका नेहा सिंह राठौर का चर्चा में है किस तरह देश के एक मीडिया हाउस ने उनके चारित्रिक हनन की साजिश रची उसकी चर्चा देश के कोने कोने में हो रही है। नेहा ने उस मीडिया हाउस को उसकी मंशा को जनता के सामने खुल कर बता दिया कि यह गल्ती नहीं बल्कि सोची समझी चाल और सियासत के तहत साजिशन प्लांटेड स्टोरी को चलाया गया जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा,चरित्र हनन करने का अपराध है। वो मीडिया हाउस की इस साजिश को इतनी आसानी से छोड़ने वाली नहीं है। उन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि मीडिया हाउस का टॉप प्रबंधन अपने कर्मचारियों से फोन करवा कर समझौता करने का दबाव बना है।
सोशल मीडिया में नेहा राठौर के ट्वीट वायरल
सोशल मीडिया पर दो प्रकार के गुट बन गये हैं। एक गुट नेहा के समर्थन में आ गया है वहीं दूसरी ओर नेहा के विरोध में उनकी इज्जत का मजाक उड़ाने में लगा है। नेहा ने राष्ट्रीय महिला आयोग को टैग करते हुए पूछा है कि महिला आयोग मर गया है या जिंदा पोस्ट को पड़ कर लगता है कि नेहा के लोकगीत और सरकार की आलोचना की वजह से उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि नेहा के विरोधी ये मानते हैं वो सरकार के विरोध में विचार रखती हैं और सोशल मीडिया में उनके पोस्ट बीजेपी सरकारों के खिलाफ ही लिखती हैं। ये मामला सामाजिक होने के साथ साथ राजनीतिक हो गया है। नेहा सिंह राठौर का नाम आज से लगभग छह सात साल में चर्चा में आया है। वो एक लोकगायिका के साथ एक इनफ्लुएंसर होने के साथ पब्लिक फिगर भी है। हैरानी की बात यह है कि इन मामलों में उत्तराखंड की अंकिता भंडारी रेप और हत्याकांड फिर चर्चा में आ गया है। यह भी चर्चा में है कि इन मामलों में राष्ट्रीय महिला आयोग और सत्ता में बैठी महिला मंत्रियों और नेताओं ने इस गंभीर मामलों में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
न्यूज चैनल ने नेहा को कॉल गर्ल बताया
मामला ये है कि एक मीडिया हाउस ने अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर बिना किसी जांच पड़ताल के ये न्यूज चला दी पुलिस ने नेहा राठौर के हास्टल पर छापा मारा और बताया कि वहां पर वेश्यालय चल रहा था। इस खबर के चलते पूरे देश में सनसनी फैल गयी सोशल मीडिय पर यह न्यूज वायरल हो गयी। इस बात का पता जब नेहा को चला तो उसने न्यूज चैनल के संपादक टॉप मैनेजमेंट से सवाल किया कि आपने बिला जांच पड़ताल के इसे कैसे पब्लिश करा है। इस बात का जवाब न तो संपादक रजनीश आहुजा दे सका और न ही टाप प्रबंधन। उल्टा मामले को ठंडा करने के लिये चैनल के कर्मचारियों के फोन ने नेहा के पास आ रहे हैं कि मामले को रफा दफा कर दो। प्रबंधन ने इस मामले में तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। नेहा का कहना है कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी लेकिन जो इस साजिश का कर्ताधर्ता है उस पर कोई ऐक्शन नहीं लिया गया है। ये सब सत्ता को खुश करने के लिये साजिश रची गयी है। ऐसा लग रह है कि चैनल और नेहा के बीच का मामला लंबा खिंचने वाला है। देश भर से और महिला संगठन बहुत सारी सामाजिक संस्थाएं नेहा के समर्थन में आ गये हैं। इससे चैनल और भाजपा के चेहरे पर शिकन देखी जा रही है। वैसे भी यह माना जाता है कि जितने भी चैनल है वो सत्ता के इशारे पर विपक्ष के नेताओं को टारगेट करते हैं। भाजपा को इस बात की चिंता है कि अगले साल आधा दर्जन प्रदेशों में चुनाव है।
नेहा ने अपनी वेदना और पीड़ा को महिला आयोग से जताया
नेहा ने महिला आयोग को ट्वीट कर पूछा देश में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षित है। कोई भी किसी महिला को अपमानित करने का अपराध करन निकल जाता है। महिलाएं अपनी इज्जत और सम्मान की सुरक्षा के लिये कहां जायें। देश में महिला आयोग जिंदा है या उसकी भी मौत हो गयी है। उनके इस ट्वीट से शायद महिला आयोग की नींद टूट गयी। वैसे आम तौर पर देखा गया कि महिला उत्पीड़न और अत्याचार पर आयोग चुप्पी साधे रहता है। लेकिन इस मामले में आयोग की अध्यक्ष ने 15 दिनों में समयबद्ध कार्रवाई के लिये सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ उन सभी विभागों एजेंसियों को आदेश दिया है कि इस मामले में जांच कर रिपोर्ट पेश करें।
इन बीजेपी सांसदों और नेताओं को भी टटोला
नेहा सिंह राठौर ने अपने साथ की गयी ज्यादिती और अपराध की बात को बीजपी सांसद कंगना रनौत, स्मृति ईरानी से सवाल किया है कि क्या वो नेता होने के साथ वो एक महिला भी भी हैं। आपको ऐसे समय में किसी महिला के साथ हो रहे अपराध पर साथ नहीं खड़ा होना चाहिये। राजनेता तो आप बाद में हैं महिला तो आप जन्मजात है। सांसद कंगना रनौत ने ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि आप के साथ जो हुआ है वो क्षम्य नहीं है देश की किसी भी महिला के सम्मान और इज्जत के साथ खेलने की छूट नहीं मिलनी चाहिये। देाषी को सजा जरूर मिली चाहिये।

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