केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक अनुपालन हलफनामे में जानकारी दी है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की सुरक्षा और संचालन में कई स्तरों पर बदलाव लागू किये जा रहे हैं ताकि भविष्य में प्रश्न-पत्र लीक और अन्य प्रणालीगत कमजोरियां रोकी जा सकें। यह हलफनामा उस निर्देश के जवाब में दाखिल किया गया था जिसे शीर्ष अदालत ने 29 मई को सरकार से मांगा था।
हलकफनामे में कहा गया है कि शिक्षा मंत्रालय NTA की देखरेख करता है, जबकि परीक्षा को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से NTA संचालित करता है। केन्द्र ने फिलहाल CBI जांच की मेरिट पर टिप्पणी नहीं की है।
सरकार ने बताया कि संसद ने सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े कानून को मजबूत किया है; 2026 के संशोधन के बाद परीक्षा संबंधी अपराधों पर सख्त दंड-विधान लागू किये गए हैं। उस संशोधन के दंड-प्रावधानों में अधिकतम सजा और आर्थिक जुर्माने का प्रावधान शामिल किया गया है।
प्रशासनिक सुधारों के हिस्से के रूप में 27 जुलाई को उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (HPTF) का गठन किया गया है जिसका नेतृत्व नंदन नीलकण्णी को दिया गया है। इस टास्क फोर्स को तीन महीने के भीतर सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन में अंत-to-end सुधारों की सिफारिशें देना हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों के उपयोग पर ध्यान केन्द्रित करना शामिल है।
सुरक्षा उपायों के रूप में NTA ने दायर हलफनामे में कई परतों वाले नियंत्रण लागू करने की जानकारी दी है — जिनमें एक दस-स्टेप सुरक्षा प्रोटोकॉल, अनुवाद चरण में 'एयर-गैप्ड' ऑफलाइन AI सिस्टम के साथ सीमित मानव सत्यापन, प्रत्येक प्रश्न-पत्र और OMR शीट पर उम्मीदवार-विशिष्ट सीरियल नंबर और टेम्पर-एविडेंट पैकेजिंग की कई परतें शामिल हैं; पैकेजिंग में विशेष एक-बार उपयोग होने वाले ताले और स्टील ट्रंक्स का उल्लेख है।
संसद द्वारा बनाए गए नए नियमों, तकनीकी उपायों और टास्क फोर्स के सुझावों के संयोजन को केंद्र ने एक समेकित पद्धति बतायी है, जिससे अनुभव और डाटा के उपयोग के जरिए परीक्षा संचालन में संस्थागत स्मृति और बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पृष्ठभूमि के तौर पर, केंद्र ने कहा कि NTA ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को 12 मई को रद्द किया था और उसके बाद 21 जून को पुन: परीक्षा करायी गयी थी; इससे पहले 2024 में भी प्रश्न-पत्र लीक के आरोप लगे थे और उस मामले पर शीर्ष अदालत ने तब परीक्षा रद्द नहीं की थी, पर निर्देश जारी किये थे और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा था।

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