न्यू दिल्ली के इंदिरा गांधी एरीना में शुक्रवार को हुई क्वार्टरफाइनल में विश्व रैंकिंग 39 की ट्रेसा जोली और गायत्री गोपिचंद ने चीनी चौथी वरीय जोड़ी जिया यी फैन और झांग शु शियन को सीधे सेट में नहीं, पर तीन गेम के बाद हराकर भारतीयों के लिए पदक सुनिश्चित किया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 16-21 हारने के बाद दुसरा गेम 21-15 और निर्णायक गेम 21-13 से जीता।
ट्रेसा–गायत्री ने टूर्नामेंट की शुरुआत राउंड ऑफ 64 में स्पेन की पाउला लोपीज व लुसिया रोड्रिगेज पर 21-9, 21-13 की तेज जीत से की। उसके बाद राउंड ऑफ 32 में अमेरिका की 16वीं वरीय लॉरेन लैम और एलिसन ली को 21-15, 21-12 से हराया। राउंड ऑफ 16 में जापान की सातवीं वरीय रिन इवानागा और की नाकनिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में पहुँचना भी इस जोड़ी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
यह जीत 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के ब्रॉन्ज के बाद भारत के लिए महिला युगल वर्ग में विश्व चैंपियनशिप का पहला निश्चित पदक मानी जा रही है। इस टूर्नामेंट में पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, उन्नती हूडा और आयुष शेट्टी समेत कुछ सिंगल खिलाड़ियों के पहले ही बाहर होने के बाद यह फिलहाल भारत का अकेला पक्का पदक है। पुरुष युगल में सतविक-चिराग अभी भी पदक की दावेदारी बनाए हुए हैं और उनके क्वार्टरफाइनल के परिणाम से भारत को दूसरा पदक मिलने की संभावना भी बनी रहेगी।

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