राहुल गांधी ने मोदी शाह पर किया तीखा हमला,

सरकार की उल्टी गिनती शुरू!

मानसून सत्र के आखिरी दिन मोदी शाह संसद के सदन में कुछ मिनटों के लिये आये और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने राष्ट्रगान के तुरंत बाद मानसून सत्र की समाप्ति की घोषणा कर दी। आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ कि संसद सत्र की समाप्ति बिना सदस्यों के आभार प्रगट किये किया गया। ये कलंक भी अध्यक्ष ओम बिड़ला के माथे पर लग गया। पूरे मानसून के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार की नाक में नकेल कस कर रखी। विश्वगुरु मोदी और चाणक्य अमित सदन से बाहर रहे। राहुल गांधी ने साफ कर दिया ​है। केन्द्र सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। आज से ये दोनों रात में सो नहीं पायेंगे। हम और देश का युवा इनको सोने नहीं देंगे।

अमित शाह सदन में चर्चा के लिये ललकारा

संसद के आखिर में गृहमंत्री अमित शाह संसद के सदन मेंं पहुंचे और उन्होंने विपक्ष को चैलेंज दिया कि वो किसी भी विषय पर चर्चा करने के लिये तैयार हैं। सोची समझी रणनीति के तहत शाह लोकसभा में पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष को पेपर लीक, प्रदर्शनकारियों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, शिक्षा मंत्रालय में व्याप्त कुप्रबधन, एथेनाल ब्लैंडिंग को लेकर चर्चा करने को तैयार है। जिस पर नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी व इंडिया ब्लाक ने उनके इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। राहुल गांधी ने कहा हमें अमित शाह का प्रवचन नहीं सुनना है। हमें हमारे तीन मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहिये। सरकार ने रणनीति के तहत सत्र के अंतिम दौर में गृहमंत्री को सदन में भेज कर सिद्ध कर दिया कि उनकी मंशा विपक्ष उठाये मुद्दों पर जवाबदेही में कोई दिलचस्पी नहीं थी। राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि हम अभी सरकार पीएम मोदी और शाह को अपने मुद्दों पर तब तक घेरते रहेंगे जब तक शाह का इस्तीफा नहीं होगा।

न तो सदन की इज्जत है न ही देश के संविधान की

देश के गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा देने वाले हैं संसद का मानूसन सत्र बीत गया लेकिन सदन में न तो पीएम मोदी और न ही गृहमंत्री अमित शाह गये। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार की नजरों में न तो सदन की इज्जत है न ही देश के संविधान की। मोदी सरकार को विपक्ष ने कई मुद्दों पर बुरी तरह घेर रखा है। फिलहाल विपक्ष सरकार से तीन मुद्दों पर सफाई मांग रहा है। लेकिन सरकार ने इस मामले में सही ढंग से तवज्जो दी है। हालात यह हैं कि खुद को विश्व गुरु कहलाने वाले नरेंद्र मोदी विपक्ष के सवालों का जवाब देने की हिम्मत जुटा रहे हैं और न ही चाणक्य अमित शाह विपक्ष के आरोपों का उत्तर देने में इच्छुक हैं। सत्र के अंतिम दिन अचानक खास मीडिया के कैमरे पर प्रगट हुए और कहा कि वो सदन में विपक्ष के सारे आरोपों पर चर्चा करने को तैयार हैं लेकिन विपक्ष सत्र चलाने में गतिरोध डाल रहा है। भगोड़े शब्द के इस्तेमाल करने पर शाह ने कहा कि वो कहीं नहीं गये हैं। रोज संसद परिसर में अपने कार्यालय के चैंबर में आ रहे हैं। सदन में गतिरोध होने की वजह से वो सदन में नहीं जा रहे है।

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