मोदी जी चाय पर राहुल गांधी का इतजार करते लेकिन राहुल गांध़ी
13 अगस्त को मानसून सत्र के संपन्न होने होने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने शाम को अपने चैंबर में सत्ता पक्ष और विपक्ष को चाय पर आमंत्रित किया था। इसमें पीएम मोदी और अमित शाह समेत सत्तापक्ष के सांसद मौजूद थे। हाथ में चाय का प्याला लिये नरेंद्र मोदी शाह विपक्ष के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का इंतजार करते रहे। लेकिन राहुल गांधी ने साफ कह ये कह कर मना कर दिया कि संसद के मानसून सत्र में पूरा विपक्ष पीएम मोदी और शाह का बयान जानने के लिये इंतजार करता रहा लेकिन पीएम और शाह हाउस में नहीं आये। आप लोग संसद और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करते हैं। ऐसे में हम आपकी चाय पार्टी में आने से इनकार करते है। इतिहास में पहली बार हुआ है कि जब पीएम विपक्ष के नेताओं को चाय पर बुलाये और विपक्षी नेतागण उसे अस्वीकार कर दे।
पूरे सत्र में जनता के 130 करोड़ पानी में बह गये
काफी उठा पटक और गहमा गहमी के बाद संसद का मानसून सत्र किसी तरह संपन्न हो गया। ऐतिहासिक बात यह है कि सरकार ने बिना चर्चा के 12 बिल पास भी करा लिये। लेकिन अफसोस की बात है कि मानसून के संपन्न होने के साथ जनता की गाढ़ी कमाई का 130 करोड़ रुपये पानी में चले गये। मोदी सरकार ने ऐसा कई बार किया है। आपको याद होगा कि 2023 में लोकसभा और राज्यसभा में स्पीकर और सभापति ने विपक्ष के 146 सांसदों को सस्पेंड कर दिया और मौके का फायदा उठा कई कई महत्वपूर्ण बिल बिना बहस चर्चा के पास करा लिये।
केन्द्र सरकार की उल्टी गिनती शुरू
मानसून सत्र के आखिरी दिन मोदी शाह संसद के सदन में कुछ मिनटों के लिये आये और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने राष्ट्रगान के तुरंत बाद मानसून सत्र की समाप्ति की घोषणा कर दी। आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ कि संसद सत्र की समाप्ति बिना सदस्यों के आभार प्रगट किये किया गया। ये कलंक भी अध्यक्ष ओम बिड़ला के माथे पर लग गया। पूरे मानसून के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार की नाक में नकेल कस कर रखी। विश्वगुरु मोदी और चाणक्य अमित सदन से बाहर रहे। राहुल गांधी ने साफ कर दिया है। केन्द्र सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। आज से ये दोनों रात में सो नहीं पायेंगे। हम और देश का युवा इनको सोने नहीं देंगे।

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