मनन मिश्रा और सीजेआई विवाद बढ़ क्यों रहा!

बार कौंसिल आफ ​इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा विवादों में घिरे

सीजेआई सूर्यकांत और बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। पहले हैदारबाद की नालसार विवि के छात्रों ने सीजेआई के हाथों से डिग्री लेने से मना कर दिया। इस बात को लेकर देशभर में चर्चा हो ही रही थी कि कर्नाटक की लॉ संस्थान एनएलएसयूआई के छात्रों ने यह मांग कर दी उनके यहां जो दीक्षांत समारोह हो रहा है। उसमें सीजेआई और बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा का विरोध किया जा रहा है। इस मामले को लेकर देश में एक बहस छिड़ गयी है कि आखिरकार युवा सीजेआई के हाथों कानून की डिग्री क्यों लेने में अपनी हेठी समझ रहे हैं। सीजेआई अपने दो एक विवादित बयानों की वजह से युवाओं के निशाने पर हैं तो वहीं बीजेपी सांसद बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने नालसार को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। अब यह मांग की जा रही है कि मनन कुमार मिश्रा को इस मामले में इस्तीफा देना चाहिये।

बीजेपी मनन कुमार मिश्रा अपने बिछाये जाल में फंस गये

बीजेपी के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा अपनी ही साजिश में फंसते दिख रहे हैं। नालसार विवि छात्रों और सीजेआई के विवाद के बीच सांसद ने अपनी मुंडी बेमतलब घुसा कर अपनी शामत बुला ली है। या यूं कहें कि आ बैल मुझे मार। सांसद पिछले 12 सालों से बार कौसिंल आफ इंडिया के अध्यक्ष भी हैं। भाजपा और सरकार के साथ सीजेआई को खुश करने के लिहाज से उन्होंने नालसार विवि प्रशासन और वहां पढ़ रहे कानून के छात्रों को एक छह पन्ने का कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का नोटिस थमा दिया। इसके साथ वो लैटर ऐक्स पर पोस्ट भी कर दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि ऐक्स पर लैटर पोस्ट होते ही उस पर लेागोंं के रियेक्शन भी आने शुरू हो गये। दूसरी ओर इस मामले में सीजेआई सूर्यकांत ने मनन कुमार मिश्रा से पूछ लिया कि इस मामले में आपको दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। ये मेरे और छात्रों के बीच का मामला है। संविधान में हर व्यक्ति को विरोध करने का हक है। कन्वोकेशन समारोह में सीजेआई के आने का विरोध मालूम हो कि नालसार में पढ़ रहे छात्रों ने सीजेआई सूर्यकांत के हाथ से कन्वोकेशन में उपाधि लेने से इनकार क​र दिया था। एक दो घंटों में ही सोशल मीडिया पर मनन कुमार की निंदा औश्र आलोचना शुरू हो गयी। मामला हाथ से बाहर निकलता देख मनन कुमार मिश्रा ने अपना पहला लैटर डिलीट कर नया लैटर पोस्ट कर दिया जिसमे यह कहा गया कि नालसार से डिग्री लेना कोई भी छात्र अपने प्रदेश में पंजीकरण करवा सकता है। इससे पहले के लैटर में नालसार की डिग्री लिये छात्रों का पंजीकरण करने से मना करने की धमकी दी गयी थी।

बार कौंसिल अध्यक्ष का बेतुका बयान और माफी

सीजेआई को लेकर एक नया विवाद सामने आ गया है। आंध्र पदेश की नालसार विवि के छात्रों ने प्रशासन को चिट्ठी लिख कर यह मांग रखी कि विवि में जो ड्रिग्री वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है उसमे वो मुख्य अतिथि सीजेआई सूर्यकांत का नहीं बुलाया है हम उनके हाथों से डिग्री नहीं लेना चाहते हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि युवाओं में सीजेआई सूर्यकांत के कॉक्रेाच वाले बयान का कितना गहरा असंतोष है। इससे यह भी समझा जाना चाहिये कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को जो मान सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है उसकी सुरक्षा और सम्मान की रक्षा को बचाये रखने में पदाधिकारी की भी जिम्मेदारी है। अब इस मामले में बार कौंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की एन्ट्री हो गयी है। उन्होंने अपने एक बयान में नालसार से कानून की डिग्री लेने वाले छात्रों को धमकाया है उन्हें डिग्री लेने के बाद भी वकालत करने नहीं दिया जायेगा। आप को बता दें कि मनन कुमार मिश्रा बार कौंसिल के अध्यक्ष होने साथ साथ वो भाजपा राज्यसभा के सदस्य हैं। जब से देश में नरेंद्र मोदी पीएम बने हैं तभी से मनन मिश्रा बार कांउन्सिल के अध्यक्ष बने है। जैसे ही मनन कुमार मिश्रा ने एक्स पर अपने आदेश को पोस्ट किया वैसे ही आधी रात के बाद उनके ​इस विवादित पोस्ट पर देश भर के कानूनविदो और वकीलों और बार एसोसियेशन के पदाधिकारियों ने निंदा शुरू कर दी गयी सबसे पहले सीजेपी के अभिजीत दीपके व प्रवक्ता सौरव दास ने मनन कुमार के इस पोस्ट का विरोध जताया और कहा कि सीजेपी मनन कुमार के दिल्ली सरकारी आवास और कार्यालय के बाहर मोर्चा निकाल कर विरोध करेंगे। साथ देशव्यापी आदोलन कर मनन कुमार की आलोचना और निंदा करेंगे। चौतरफा निंदा और आलोचना के चलते मनन कुमार मिश्रा ने अपने नये पोस्ट में लिखा नालसार के सभी कानून डिग्रीधारक कहीं भी प्रैक्टिस करने का पंजीकरण करा सकेंगे। इसे कहते थूकना और चाटना।

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