आखिर नेहा सिंह को मिला राहुल गांधी का साथमहाराष्ट्र के पुणे में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भारी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लेकर ये दिखा दिया कि कोई भी उनकी स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगा सकता है। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रहे। इस कार्य को बाधित करने के लिये महायुति सरकार और पुलिस प्रशासन ने पूरा इंतजाम कर लिया था। पुलिस ने जगह जगह बैरिकेडिंग कर तमाम बंदिशें लगायी ताकि महिला और छात्राएं राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में न पहुंच सकें। लेकिन कार्यक्रम समारोह में आशा से अधिक छात्राओं ने भागीदारी कर यह एहसास दिलाा कि अब महिला और छात्राओं को समाज के नाम पर डराया या धमकाया नहीं जा सकता है। कार्यक्रम पहुंची बहुत सी छात्राओं ने अपने—अपने अनुभवों को राहुल गांधी के सामने मंच से बताया। राहुल गांधी ने कार्यक्रम आयी बहुत सारी महिलाओं और छात्राओं को मंच पर बुलाया और उनकी आपबीती को सुना। राहुल ने उन सभी छात्राओं को समझाया कि ऐसी घटिया और मानसिकता के लेागों और सत्ता समर्थकों से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।राहुल गांधी व नेहा छात्रों की गूंज के एक मंच परइसी मंच देश की लोकप्रिय लोकगीत गायिका नेहा सिंह राठौर का परिचय भी कराया गया। नेहा ने राहुल गांधी के साथ मंच साझा करते हुए बताया कि किस तरह पिछले पांच सात सालों में भाजपा सरकारों ने उनके सवालों से डर कर उनके खिलाफ पुलिस का बेजा इस्तेमाल कर नेहा के खिलाफ बहुत सारे फर्जी केस दर्ज कर उनकी निजी जिंदगी को तबाह करने साजिश की है। लेकिन वो हमेशा सता से सवाल पूछती रहेंगी। ये बात सही है कि बिहार के एक छोटे से गांव से आने वाली नेहा अब देश में अपनी धाकड़ पहचान बनाने में सफल रही हैं। नेहा सिंह राठौर अपने लोकगीत और तेजतर्रार और बेधड़क अंदाज नेचर को लेकर मीडिया में बनी रहती हैं। पिछले पांच छह सालों में नेहा ने लोकप्रियता की बुलंदी छू ली है। वो अब किसी परिचय की मोहताज नही हैं। वो भोजपुर भाषा में राजनीतिक सटायर भी करती हैं। उनके निशाने पर सिर्फ भाजपा शासित राज्यों के खिलाफ ही कटाक्ष करती हैं। ऐसा आरोप भाजपा और वहां की सरकारें नेहा पर लगाते हैं। उनका यूपी में काबा लोकगीत सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ था। इसके बाद नेहा ने बिहार में काबा, मध्यप्रदेश में काबा आदि लेाकगीत गाये। इस पर बीजेपी को लगा कि नेहा सिर्फ भाजपा शासित राज्यों को ही अपने गीतों में टारगेट कर रही हैं। इसलिये उनके खिलाफ भाजपा समर्थक, आरएसएस और पुलिस को लगा दिया गया। ऐसे में यह तय था कि अपनी सुरक्षा के लिये विपक्षी दलों के साथ जाना ही था। वैसे अभी नेहा ने किसी राजनीतिक दल की विधिवत सदस्यता नहीं ली है।
—बार देखा गया
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