राहुल प्रियंका की जोड़ी ने मोदी सरकार को अंदर से हिला दिया

देश विदेश में मोदी सरकार पर चर्चे हुए आम

पिछले दो तारीख से दिल्ली के जंतर मंतर पर एसआईआर में हुई धांधलियों और मख्य चुनाव आयुक्त की साजिशों के​ खिलाफ मोर्चे और प्रोटेस्ट जारी हैं। रोज प्रोटेस्ट करने वालों और दिल्ली पुलिस के बीच हिंसक झड़पें और मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर दिख रहे हैं। लेकिन छह अक्टूबर की सुबह तो देश की राजधानी दिल्ली में हड़कंप मच गया। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने सरकार और दिल्ली पुलिस की परेशानियों को बढ़ा दिया। राहुल गांधी कांग्रेस और इंडिया ब्लाक के सभी सांसदों के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय को कूच कर गये। लेकिन दिल्ली पुलिस ने सीपी और उसके आसपास के इलाके को छावनी में बदल दिया था। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और 300 विपक्षी सांसदों को डिटेन कर एक छोट बस में भर कर पूरी दिल्ली में घुमाया क्यों कि मोदी सरकार की ओर से ऐसा करने को कहा गया था। ऐसी चर्चा है। बाद में राहुल प्रियंका उस बस से बाहर निकल चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचने लगे। उन्होंने चुनाव आयोग कार्यालय के लिये आकाशवाणी कार्यालय में प्रवेश कर दिया। लेकिन कुछ देर बाद दिल्ली पुलिस वहां पहुंची और उनसे वहां से बाहर निकलने को कहा।

हमें आप बतायें कि हम किस जगह बैठकर शांति पूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें

राहुल गांधी अधिकारी से पूछा हम लोग कहां जा कर अपनी मांग और प्रदर्शन करें। इससे पहले हम लोग जंतर मंतर पर सरकार के खिलाफ अपनी मांगें और सरकार की निंदा करते थे आप वहां भी नहीं जाने नहीं देते है। वहां भी सुरक्षा तैनात कर हमें रोक दिया गया है। आप बतायें कि हम सरकार की नीतियों का विरोध कहां करें। आप जहां कह देंगे हम वहीं जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे। लेकिन शर्त यह हटाने का प्रयास नहीं करेंगे वहां आप हमें रोकने और के लिये बल प्रयोग नहीं करेंगे। इसके साथ ही राहुल गांधी ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि जब भी सरकार का परिवर्तन होगा देश के साथ गद्दारी करने वाले सभी लोगों को उसकी कानूनन सजा मिलेगी। चाहे वो पीएम मोदी हों, अमित शाह हों ज्ञानेश कुमार हों या मोहन भागवत। किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा। राहुल गांधी के बयानों को सुनकर नौकरशाहों और मोदी शाह के पसीने छूट गये। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ आकाशवाणी कार्यालय में जबरन घुसकर अराजकता फैलाने का मुकदमा कायम कर जबरन हिरासत में ले​ लिया। लेकिन राहुल प्रियंका और विपक्ष के सांसद अब करो या मरो के हिसाब से तैयार हो गये है।

सरकार के लिये राहुल प्रियंका बन गये हैं सिरदर्द!

पूरे देश दिल्ली पुलिस और जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों की चर्चा चल रही है। प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की बर्बरता, बद्तमीज और बेहयायी और होम मिनिस्टरी की जमकर चर्चा निंदा की जा रही है। इसी बीच 3 अक्टूबर को जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों को कवर कर रही महिला पत्रकारों ने पुलिस के अफसर और जवानों पर अश्लील हरकत और बुरी तरह पिटायी को लेकर भी मोदी सरकार के गृहमंत्रालय की आलोचना की जा रही है। लगता है कि गृहमंत्री अमित शाह के कानों तक महिलाओं की आवाज पहुंच ही नहीं रही है। ऐसे में होम मिनिस्टरी एक मोलेस्टेशन के आरोपी एसीपी विवेक भगत को डीसीपी का प्रमोशन देती है। सब लोगों को हैरानी हो रही है कि जिस एसीपी पर महिला के साथ अश्लील अभद्रता का आरोप लगा यह पूरे देश में चर्चा का विषय वायरल हो रहा है ऐसे कठिन वक्त में होम विभाग वारदात के अगले दिन उसको प्रमोट कर देता है। इस पर सोशल मीडिया पर गंभीर चर्चा चल रही है।

सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही है दिल्ली पुलिस और सरकार

सोशल मीडिया पर दो धड़े बने हैं एक धड़ा जो एसीपी भगत को अश्लीलता को लेकर ट्रोल कर रहा है। वहीं दूसरी ओर गोदी मीडिया समेत सत्ता समर्थक लोग एसीपी भगत के बचाव में उतर गये है। पीड़ित पत्रकार के चरित्र को बदनाम करने पर उतर गये है। यह एक महिला पत्रकार के दुव्र्यवहार का मामला नहीं बल्कि दो अन्य महिला पत्रकारों से जुड़ा मामला है जिनके साथ पुलिस कर्मियों ने बुरा बर्ताव किया है। इतना ही नहीं आईसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी बद्सुलूकी का आरोप लगाया है। दिलचस्प बात यह है कि होम डिपार्टमेंट आरोपी पुलिस अफसरों के खिलाफ जांच न करा कर उन्हें प्रमोशन दे कर हौसले बड़ा रही है। इस विवाद पर भी गृहमंत्रालय का बेतुकी सफाई दी जार रही है कि भगत के प्रमोशन की बात पहले प्रोसेस में थी। उन्हें अस्थाई तौर पर डीसीपी की जिम्मेदारी मिली है। जबकि ये बात सभी जानते हैं कि किसी भी सरकारी कर्मचारी के पोस्टिंग और तबादला अस्थाई ही होता है। मंत्रालय से लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर किस वजह से विवेक भगत को डीसीपी का अतिरिक्त पद भार सौंप दिया गया है। दूसरी ओर विवेक भगत ने पदोन्नति की बात से इनकार किया जा रहा है। जबकि उनके प्रमोशन को प्रमुख रूप से पब्लिश किया है।

पाठकों की राय

टिप्पणियां 0

सभ्य और विषय से जुड़ी भाषा का प्रयोग करें।