राहुल और इंडिया ब्लाक के चंगुल में फंसे मोदी शाह
कूटनीति में मोदी शाह से बहुत आगे निकल गये राहुल
राहुल गांधी ने इस समय मोदी सरकार के नकेल डाल दी है। ये बात तो साफ हो रही है कि मोदी शाह को इस कदर हैरान कर दिया है कि सरकार के हर पैंतरे विफल पड़ रहे हैं। जो चाल मोदी शाह चलते हैं कि राहुल गांधी उसे भाजपा के खिलाफ ही जनता के बीच इस्तेमाल कर रहे है। ऐसा लग रहा है कि मोदी शाह और सरकार जितना राहुल गांधी के खिलाफ रचने का प्रयास कर रहे हैं उतना ही राहुल गांधी की स्वीकार्यता और लोकप्रियता में तेजी से इजाफा होता जा रहा है। जब से इंडियन एक्सप्रेस में चुनाव आयोग की धांधलियों का खुलासा हुआ तभी से राहुल गांधी सीईसी ज्ञानेश कुमार पर जबरदस्त तरीके से हमलावर है। जितना केन्द्र की मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतर रही है राहुल और इंडिया ब्लाक ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे है। पिछले दस सालों में भाजपा और संघ ने राहुल गांधी को पप्पू बता कर उनकी छवि को बर्बाद किया है वो छुपा नहीं है। जिस तरीके से गोदी मीडिया ने सरकार के इशारों पर राहुल गांधी और कांग्रेस को निशाने पर रखा है अब जनता को समझ में आने लगा है। राहुल गांधी और कांग्रेस ने भारत जोड़ो और भारत न्याय यात्रा निकाली है तब से कांग्रेस को अपनी खोई हुई छवि मिलने लगी है। इन यात्राओं की वजह से राहुल गांधी की जनता के बीच छवि बेहतर हुई है। इससे भाजपा संघ और मोदी सरकार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल प्रियंका और इंडिया ब्लाक के नेताओं दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार की नींंदें उड़ा दी है। लगातार राहुल गांधी दिल्ली के अंदर दिल्ली पुलिस और सरकार को पानी पिलाने में जुट गये है। दूसरी ओर मोदी की चिंताएं आगामी आधा दर्जन विधानसभा चुनाव को लेकर है।
बीजेपी को राहुल गांधी उन्हीं के सुर में दे रहे मात
पिछले दो सालों से यह नजर आ रहा है कि विपक्ष की ओर से राहुल गांधी जितनी मुखरता, निर्भीकता और तीखे हमले मोदी शाह पर कर रहे हैं उतने हमले विपक्ष की ओर से शायद ही कोई नेता करता हो। या यूं कहा जाये सरकार के लिये सबसे बड़ा संकट और चुनौती राहुल गांधी हैं। यही वजह है कि जब भी राहुल गांधी कोई बयान देते हैं तो भाजपा संघ और आईटी सेल के साथ सरकार के मंत्री और सांसद एक साथ राहुल गांधी पर हमलावर होते दिखते हैं। वोट चोरी का मामला हो, चुनाव आयोग की मनमानी और साजिशों का मामला या देश की आर्थिक सामाजिक और महिलाओं की सुरक्षा का मामला हो सभी मुद्दों पर राहुल गांधी मोदी शाह और सरकार पर राहुल गांधी आवाज बुलंद करते नजर आ रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सबसे ज्यादा राहुल हमलावर दिख रहे है। ज्ञानेश कुमार को सरकार और पीएम मोदी और शाह का समर्थन प्राप्त है।
छह राज्यों के चुनाव से भी मोदी शाह की परेशानियां बढ़ी
सबसे ज्यादा परेशानी उन्हें यूपी के चुनाव को लेकर है जहां भाजपा के लिये विपक्ष तो परेशानी खड़ी कर रहा है वहीं भाजपा की अंदरूनी कलह भी समस्या बनती जा रही है। सपा और कांग्रेस ने योगी सरकार और भाजपा पर चौतरफा हमले करना जारी रखा है। वहीं ब्राह्मण समाज में भी भाजपा और योगी सरकार के प्रति गुस्सा दिख रहा है। पिछले तीन दिनों से देश की सुर्खियोंमें राहुल गांधी और इंडिया ब्लाक के सांसदों की एकजुटता और सामंजस्य दिख रहा है। दो अक्टूबर से दिल्ली के जंतर मंतर पर लगातार सीईसी ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी के लिये धरने प्रदर्शन जारी है। धरना देने वालों में राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा वृंदा ग्रोवर समेत अनेक विशिष्ट सम्मानीय लोग ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी के लिये धरना दे रहे है। ऐसा कोई दिन जा रहा जब जंतर मंतर पर प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है।

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