अंकिता के परिजनों को किया गिरफ्तार, देशभर में मोदी सरकार की आलोचना

दुष्यंत गौतम को क्यों बनाया सिक्किम का राज्यपाल

एक बार फिर उत्तराखंड का अंकिता भंडारी रेप मर्डर समाचारों सुर्खियों में आ गया है। लगभग साल होने के बावजूद अभी तक अंकिता के परिजन न्याय के लिये दर दर भटक रहे हैं। दो दिनों से अंकिता के परिजन जंतर मंतर पर धरने पर बैठे थे। पिछले 15 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने वालों का तांता लगा हुआ है। प्रदर्शकारियों के साथ मोदी सरकार के इशारों पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरता के साथ बर्ताव ​किया। हजारों लोगों को डिटेन कर उनको अपमानित किया। इसी क्रम में अंकिता भंडारी के परिजनों को भी दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से जबरिया डिटेन कर लिया। हैरानी की बात यह है भाजपा अपने को महिला हितैषी बताने से चूकती नहीं है।

ऐसी भी क्या जल्दी थी गौतम को राज्यपाल बनाने की

उत्तराखंड और देश में इस बात की चर्चा चल रही है कि आखिर दुष्यंत गौतम को सरकार ने राज्यपाल में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखायी है। सीबीआई की रिपोर्ट आने का भी इंतजार नहीं किया। दरअसल बात यह है पीएम नरेंद्र मोदी ने नारा दिया था कि बेटी बचाव बेटी पढ़ओ। लेकिन कथनी और करनी में कोई भाजपा और मोदी सरकार का मुकाबला नहीं कर सकता है। एक लंबी फेहरिश्त है जिसमें महिलाओं के शोषण और अपराध करने वाले लोग भाजपा से ही संंबंधित होते है। हैरानी की बात यह है कि मोदी शाह ने इस जघन्य कांड में आरोपी बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बना दिया इस बात से जनता में भारी रोष है कि भाजपा अपराधियों को पदों की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह, पूर्व बीजपी विधायक कुलदीप सिंह हत्या, बिहार में सातवीं पास हत्या के ​लिये सजा काटने वाले सम्राट चौधरी और बलात्कार के आरोपी हैं।

राहुल प्रियंका और अन्य सांसदों ने परिजनों से मुलाकात

की ये देखा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी और नेताओं ने अपनी कार्यशैली में बदलाव किया है। अब राहुल गांधी जनसरोकारों से जुड़े हर मुद्दे पर सक्रिय दिख रहे है। अंकिता भंडारी के परिजनों से मिलकर राहुल गांधी ने यह विश्वास दिलाया कि हम आपके साथ हैं। सत्ता परिवर्तन होने पर आपको न्याय दिलाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने उत्तराखंड और केन्द्र की मोदी सरकार को निशाने पर रखते हुए का चार साल भी पीड़िता के परिजन इंसाफ के लिये दर दर भटकना पड़ रहा है। भाजपा के एक बड़े नेता को बचाने के लिये केन्द्र और राज्य सरकारें कान में तेल डाल कर बैठी है। दुष्यंत गौतम उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। जिस नेता का नाम इस कांड में प्रमुखता से आया है उसी नेता को मोदी शाह ने सिक्किम का राज्यपाल बना दिया गया है। लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि पुलिस के कानूनी दांव पेंच से दुष्यंत गौतम को बचाने के लिये सिक्किम का राज्यपाल बनाया है। जब तक संवैधानिक पद पर व्यक्ति है उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। इस गंभीर मुद्दे पर सरकार या बीजेपी ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है अंकिता भंडारी रेप व हत्याकांड का सच

उत्तराखंड के ऋषिकेश में वनंतरा रिसार्ट में काम करने वाली युवती अंकिता भंडारी की नहर में संदिग्ध अवस्था में लाश मिली। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे देश में भूचाल ला दिया। चार साल बाद भी यह मामला निपटा नहीं है। इस दर्दनाक रेप हत्याकांड में पुलिस बहुत दबाव में बीजेपी विधायक और सरकार में मंत्री विनोद आर्य के बेटे पु​लकित आर्य के रिसार्ट प्र​बंधक अंकित गुप्ता और भास्कर दोस्त को हिरासत में लेकर जेल में डाल दिया इसी मामले को लेकर विनोर्द आर्य को अपने मंत्री पद हाथ धोना पड़ा। चूंकि यहां पर भाजपा की सरकार होने की वजह से पुलिस ने काफी कार्रवाई में काफी ढिलाई बर्ती। सरकार के दबाव में सुबूतों को मिटाने के लिये रिसार्ट का वो हिस्सा तोड़ दिया गया और आग लगा दी गयी जहां पर अंकिता के साथ दुराचार और हत्या हुई थी ताकि कोई अपराध का सुबूत न रहे।

पाठकों की राय

टिप्पणियां 0

सभ्य और विषय से जुड़ी भाषा का प्रयोग करें।