Rahul Gandhi & Arvind kejriwal are targeted PM Modi on Chandigarh Mayor Election
Rahul Gandhi & Arvind kejriwal are targeted PM Modi on Chandigarh Mayor Election

देश में प्रधानमंत्री व सरकार को लेकर काफी राजनीिितक चर्चा चल रही है। एक तरफ मोदी सरकार का विपक्ष पर यह आरोप है कि वो मोदी और एनडीए सरकार की छवि को बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है। दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि मोदी सरकार ने कोरोना के इलाज और व्यवस्था में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाये हैं। केन्द्र सरकार केवल मोदी की छवि को बनाने में जुटी है। सरकार पर यह भी आरोप है कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना ने पांव पसार लिये हैं लेकिन सरकार ने टैस्ंिटग, डाक्टर्स और दवाओं का इंताजम नहीं किया है। इतना ही नहीं फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिये की गयी घोषणाओं को भी पूरा नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि जहां केन्द्र व प्रदेश सरकारें कोविड महामारी से लड़ने में विफल हैं। लेकिन जो लोग अपनी जान की परवाह किये बिना महामारी से जूझ रहे लोगांे की मदद कर रहे हैं। उन्हे भाजपा शासित प्रदेश की सरकारें और पुलिस विपक्षी दलों के खिलाफ कानूनी अड़चनें डाल रहे है।
देशभर मंे अब तक 1000 से अधिक डाक्टर्स की जानें कोविड 19 के कारण गयीं हैं। केवल बिहार में 80 से अधिक डाक्टरों की जानें गयी हैं। केवल चार डाक्टरों के परिजनों के लिये मोदी सरकार ने 50 50 लाख के बीमा की राशि स्वीकृत की है। इससे मृतक डाक्टरों के परिजनों में काफी रोष है। इन हालाता के देखते हुए इंडियन मेंडिकल एसोसियेशन ने सार्वजनिक रूप से चंदा जमा करना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस की यूथ शाखा ने दिल्ली और प्रदेश के अलावा देश के अनेक हिस्सों में आगे आ कर कोविड रोगियों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया। यूथ कांग्रेस ने आक्सीजन और आवश्यक दवाओं को लोगों तक पहंुचाने का काम किया। इसके बदले में दिल्ली पुलिस ने एक याचिका को आधार बना कर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ ऐक्शन लेते हुए उनके कार्यालय पर रेड डाली। मालूम हो कि दिल्ली के एक अधिवक्ता चिराग गुप्ता ने एक याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में डाली जिसमे यह कहा गया कि कांग्रेस व आप नेता आक्सीजन और दवाएं लोगों तक पहुंचा रहे हैं। वो अवैध है यह सब सामान इकट्ठा करना गैरकानूनी है। कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी के विधायकों इमरान हुसेन और दिलीप पाण्डे ने भी दिल्ली के परेशान हाल लोगों की आक्सीजन और जरूरी दवाएं पहुंचाई। इनके खिलाफ भी भाजपा के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने दमन चक्र चलाया। पुलिस के इस रवैये का आम जनता ने विरोध भी जताया।
लेकिन हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपी राजनीतिक नेताओं को राहत देते हुए कहा कि मामला देखते हुए यह साफ हांे गया कि आक्सीजन व दवाओं की आपूर्ति में कहीं भी कालाबाजारी नहीं पायी गयी है। इन नेताओं को बाइज्जत बरी किया जाता है। पुलिस को यह आदेश दिया जाता है कि वो यह पता लगाये कि आक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति कहां से गयी है।

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