पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित न्यूटाउन इलाके के एक रिहायशी कॉम्पेलक्स में बदमाशों और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के बाद बंगाल एसटीएफ के एडीजी, वीके गोयल, ने मीडिया से बातचीत में बताया है कि ‘हमें सूचना मिली थी कि कुछ क्रिमिनल वहां रह रहे हैं। जब हम यहां रेड मारने पहुंचे तब हमें यहां जसप्रीत और जयपाल मिले। यह दोनों पंजाब में कई केसों में वांटेड हैं। हमने उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया और हम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद हमने भी जवाबी फायरिंग की और दोनों मारे गए।
एडीजी ने यह भी जानकारी दी है कि ‘इस मुठभेड़ में एक इंस्पेक्टर घायल हो गए हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। जसप्रीत और जयपाल दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। यह दोनों हत्या और बैंक डकैती के कई मामलों में वांछित थे। इनके पास से 7 लाख रुपए कैश, 5 हथियार और 89 जिंदा कारतूस मिले हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि यह बदमाश शापूरजी आवासन के पांचवें फ्लोर के फ्लैट नंबर बी154 में छिपे हुए थे। कहा जा रहा है कि बीरभूम में एसटीएफ ने हथियारों की एक बड़ी खेप कुछ दिनों पहले बरामद की थी। इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस को इन बदमाशों के कोलकाता में छिपे होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस वहां छापेमारी करने गई थी। मौके पर सीआईडी की टीम भी नजर आई।
जिन दो अपराधियों को इस मुठभेड़ में ढेर किया गया है उनके बारे में मिली जानकारी के मुताबिक गैंगस्टर जयपाल भुल्लर और जस्सी खरड़ 15 मई को लुधियाना के जगरांव स्थित अनाज मंडी में सीआईए के सहायक सब-इंस्पेक्टर भगवान सिंह और दरविंदरजीत सिंह की हत्या में शामिल थे। जयपाल के बारे में बताया जाता है कि उसके पिता कभी पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर थे। जयपाल के खिलाफ देश भर में करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जयपाल पंजाब के फिरोजपुर जिले के दशमेश नगर का रहने वाला था।







