कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। सीआईडी ने पावर बैंक ऐप के नाम पर 290 करोड़ रुपये के एक बड़े हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी ने कर्नाटक में पावर बैंक एपीपी में निवेश करने वाले लोगों से सभी विवरणों के साथ संपर्क करने का आग्रह किया है। सीआईडी कर्नाटक के साइबर क्राइम डिवीजन ने यह जानकारी दी है।

आपको बता दें कि ठगों ने चार महीने में इतना बड़ा घोटाला किया है। इसमें लोगों को काफी कम समय में पैसे डबल करने का झांसा दिया जाता है।

आपको बता दें कि पावर बैंक ही नहीं कई और एप से ठगी की जा रही है। इन्हें लेकर लोगों को सजग रहने की जरूरत है। हाल में पावर बैंक एप से 360 करोड़ रुपये से ज्यादा के ठगी के मामले सामाने आ चुके हैं। एसटीएफ ने 17 कंपनियों के लाइसेंस निरस्त कराने की तैयारी कर ली है।

उत्तराखंड में 7 मुकदमे दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार
उत्तराखंड के एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने कहा है कि पावर बैंक एप के जरिए हुई ठगी में कुल सात मुकदमें दर्ज किए जा चुके हैं। उत्तराखंड एसटीएफ ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि, कई आरोपी वांछित चल रहे हैं। वहीं ठगी में जिन कंपनियों का उपयोग हुआ इनमें पवन कुमार पांडेय के नाम पर 8, प्रकाश बैरागी की पांच और राम उजागर की 4 कंपनियों के लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की  है। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि जिन आरोपियों को दिल्ली और बेंगलुरु में पकड़ा गया है, उन्हें भी जल्द उत्तराखंड लाया जाएगा। इसके लिए कार्यवाही की जा रही है।

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