लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को दो लोगों को गिरफ्तार करके सनसनीखेज खुलासा किया था कि मूक और बधिर लोगों समेत पिछड़े और गरीब लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. इस मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान अहम खुलासे हो रहे हैं. धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मुफ्ती काजी जहांगीर आलम और मोहम्‍मद उमर गौतम को एटीएस ने गिरफ्तार किया है.

यूपी धर्मांतरण मामले में अब तक क्या-क्या आरोप लगे हैं?

उमर गौतम का जाकिर नाइक से कनेक्शन सामने आया है. जाकिर नाइक की संस्था IRF के लोग उमर के संपर्क में थे.

धर्मान्तरण मामले की जांच में टेरर एंगल सामने आ रहा है. धर्मांतरण गिरोह के आतंकी संगठनों से जुड़े होने के आरोप लग रहे हैं.

विदे़शी फंडिंग और टेरर फंडिंग के भी आरोप लगे हैं

गरीब लोगों को धन, नौकरी और शादी का लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप है

जांच एजेंसियों को पता चला है कि केंद्र सरकार के बाल औऱ महिला कल्याण विभाग का एक अधिकारी भी आरोपियों की मदद करता था.

इस मामले मे दूसरे संगठन की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यह संगठन भी दिल्ली में ही है और इसके प्रमुख को कन्वर्जन का खलीफा के नाम से जाना जाता है.

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर डोनेशन मिलने की भी बात सामने आ रही है.

धर्मांतरित मूक बधिर बच्चों का ‘जेहादी’ गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने के भी सुराग जांच एजेंसियों को मिले हैं.

धर्मांतरण गिरोह के देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लग रहे हैं.

अब तक की जानकारी के मुताबिक हिंदू के अलावा ईसाई, जैन और सिख परिवारों के बच्चों के भी बड़ी संख्या में धर्मांतरण की बात सामने आई है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने सोमवार को बताया था कि मूक-बधिर छात्रों और निर्धन लोगों को धन, नौकरी व शादी का लालच देकर धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मुफ्ती काजी जहांगीर आलम (निवासी जोगाबाई, जामिया नगर, नयी दिल्‍ली) और मोहम्‍मद उमर गौतम (निवासी बाटला हाउस, जामिया नगर, नयी दिल्‍ली) को एटीएस ने गिरफ्तार किया है.

उमर गौतम से पूछताछ में धर्मांतरण कराने की पुष्टि हुई है- पुलिस

प्रशांत कुमार ने बताया कि एटीएस को कुछ समय से यह सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अन्य विदेशी माध्यमों से पैसे एकत्र कर कुछ लोग धर्मांतरण कराने और धार्मिक वर्गों में आपसी वैमनस्य फैलाने के लिए प्रयासरत हैं. इस सूचना पर एटीएस उत्तर प्रदेश की टीम ने रविवार को काजी जहांगीर और उमर गौतम को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि लखनऊ के एटीएस थाने में उनके व उनकी संस्था इस्लामिक दावा सेंटर व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश, धार्मिक वैमनस्य फैलाने, किसी धर्म को अपमानित करने सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया गया है

प्रशांत कुमार ने बताया कि उमर गौतम पहले हिंदू था लेकिन उसने मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया और धर्मांतरण कराने में सक्रिय हो गया. उन्होंने उमर के हवाले से बताया कि अभी तक उसने करीब एक हजार गैर मुस्लिम लोगों को मुस्लिम धर्म में धर्मांतरित कराया और उनकी मुस्लिमों से शादी कराई है. यह अभियान जामिया नगर, नयी दिल्‍ली में संचालित इस्लामिक दावा सेंटर नामक संस्था के जरिये चलाया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, उमर गौतम से पूछताछ में धर्मांतरण कराने की पुष्टि हुई है.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here