कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में कथित तौर पर ऑक्सीजन की जरूरत से चार गुना अधिक मांग के मामले में भाजपा और दिल्ली सरकार में आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। भाजपा ने जहां दिल्ली सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है, वहीं अरविंद केजरीवाल भी ट्विटर के जरिए पलटवार किया है।
केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ”मेरा गुनाह-मैं अपने 2 करोड़ लोगों की सांसों के लिए लड़ा जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रातभर जाग कर ऑक्सीजन का इंतजाम कर रहा था। लोगों को ऑक्सीजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है।”
दिल्ली में अप्रैल तथा मई में कोविड-19 की दूसरी लहर का बहुत बुरा असर हुआ था। इस दौरान शहर के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण रोजाना कई लोगों की मौत हुई थी।
मेरा गुनाह-मैं अपने 2 करोड़ लोगों की साँसों के लिए लड़ा
जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जग कर Oxygen का इंतज़ाम कर रहा था। लोगों को ऑक्सिजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया
लोगों ने ऑक्सिजन की कमी से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 25, 2021
ऑक्सीजन को लेकर केजरीवाल ने झूठ बोल कर जघन्य अपराध किया : भाजपा
जानकारी के अनुसार, भाजपा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की जरूरत से चार गुना अधिक मांग की थी और उनके इस झूठ के कारण कम से कम 12 राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली में ऑक्सीजन का ऑडिट करने के लिए बनाई एक कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने ”चार गुना झूठ बोलकर” जघन्य अपराध किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन को लेकर जिस प्रकार की राजनीति अरविंद केजरीवाल ने की, उसका पर्दाफाश ऑक्सीजन ऑडिट पैनल की रिपोर्ट में हुआ है। उन्होंने कहा कि जो तथ्य सामने आए हैं वह चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार द्वारा ऑक्सीजन की जरूरत को चार गुना बढ़ाकर बताया गया। केजरीवाल के इस झूठ के कारण 12 राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हुई क्योंकि सभी जगह से ऑक्सीजन की मात्रा कम कर दिल्ली भेजना पड़ा था।
पात्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के कुप्रबंधन की वजह से राजधानी दिल्ली में उस वक्त ऑक्सीजन के टैंकर सड़क पर खड़े रहे जब लोगों को इसकी सबसे अधिक जरूरत थी। उन्होंने कहा कि अगर ये ऑक्सीजन दूसरे राज्यों में उपयोग होती तो कई लोगों की जान बच सकती थी। यह अरविंद केजरीवाल द्वारा किया गया जघन्य अपराध है।
भाजपा प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में मुख्यमंत्री जिम्मेदार ठहराए जाएंगे और जो अपराध उन्होंने किया है, उसके लिए उन्हें दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की राजनीति में पहली बार चार गुना झूठे साबित हो रहे हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री। यह छोटी बात नहीं है। अरविंद केजरीवाल को जनता को जवाब देना होगा।
भाजपा नेता ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार 100 फीसदी विज्ञापन और जीरो प्रतिशत कोविड प्रबंधन के फार्मूले पर काम कर रही है। पात्रा ने दावा किया कि अपनी नाकामी को छिपाने और केंद्र सरकार को दोषी ठहराने के लिए केजरीवाल ने ऑक्सीजन को लेकर झूठ बोला। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार केजरीवाल कोविड-19 रोधी टीकों और घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में टीकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति ऑक्सीजन के लिए इतना बड़ा झूठ बोल सकता है, वह राशन के लिए कितना झूठ बोल सकता है?
ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ाने की कोई रिपार्ट नहीं : सिसोदिया
वहीं, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के ऑक्सीजन की मांग को चार गुना बढ़ाने का दावा करने वाली रिपोर्ट देने की खबर को शुक्रवार को खारिज कर दिया। सिसोदिया ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर ऐसी रिपोर्ट को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। हमने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों से बात की है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी रिपोर्ट पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। भाजपा झूठी रिपोर्ट पेश कर रही है, जो उसकी पार्टी मुख्यालय में तैयार की गई है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि ऐसी रिपोर्ट पेश करें, जिस पर ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हों।
उन्होंने कहा कि ऐसा करके भाजपा केवल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का अपमान नहीं कर रही, बल्कि उन लोगों का भी अपमान कर रही है जिन्होंने कोरोना वायरस के कहर के प्रकोप के दौरान अपने परिवार वालों को खो दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार के कुप्रबंधन के कारण ही ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न हुआ था।







