मूडीज ने भारत की रेटिंग गिराई, 22 वर्षों का रिकार्ड टूटा
मोदी कैबिनेट कल जिस वक्त कथित इतिहास रच रही थी, अमेरिकी रेटिंग एजेंसी मूडी ने भारत को Baa, यानी सबसे निचली रेटिंग में डाल दिया। असल में मूडीज ने इससे बड़ा इतिहास रचा है, क्योंकि भारत की इतनी खराब रेटिंग बीते 22 वर्षों में नहीं रही। बाद में गृह मंत्री अमित शाह अपनी पीठ थपथपाकर बोले कि आत्मनिर्भर भारत के नारे से विदेशी निवेश नहीं रुकेगा।
एक टीवी चैनल को इंटरव्यू में अमित शाह को आत्मनिर्भर का उच्चारण करने में 5 रीटेक करने पड़े। राजनाथ सिंह विदेश और कूटनीति पर बात कर रहे है। विदेश मंत्री सीन से गायब हैं। कल कैबिनेट की मीटिंग के बाद निर्मला सीतारमण माइक के सामने नहीं, अपने मंत्रालय के ट्विटर हैंडल पर थीं।
इससे पहले जब वे लगातार 5 दिन प्रेस से बात कर रही थीं, तो मीडिया ने पूरे पैकेज की हवा निकाल दी थी। निस्संदेह मोदी सरकार बैकफुट पर है। सरकार के 3-4 मंत्री आगे आकर जुमले फेंक रहे हैं, दावे कर रहे हैं।
मूडीज ने कहा है कि उसने भारत की रेटिंग कोरोना संक्रमण के कारण नहीं घटाई। वह तो पहले से ही गिरी हुई थी। अब और गिर गई है। स्टैण्डर्ड एंड पुअर, फिच और अब मूडी। तीनों की नज़र में भारत की क्रेडिट रेटिंग नकारात्मक है।
अमित शाह गुजराती हैं। उन्हें जरूर पता होगा कि नेगेटिव रेटिंग होने से लोन नहीं मिलता। लेकिन सरकारात्मक या भांड मीडिया में से किसी की हिम्मत नहीं है कि वे शाह से यह सवाल कर सकें।
ऐसा ही मामला हिमाचल के कांगड़ा का है। लॉक डाउन के दौरान वहां 19 कारोबारी तंगहाली से परेशान होकर खुदकुशी कर चुके हैं।
लेकिन जयराम सरकार की जय-जय में कोई कसर नहीं छूट रही है। हिमाचल को मैंने पिछले साल तक खुशहाल देखा है। चेहरे पर मुस्कुराहट। मस्तमौला ज़िंदगी। अब भीतर का दर्द बाहर आ रहा है।








