यूपी की राजधानी लखनऊ में कई मंदिरों और आरएसएस के दफ्तरों को 15 अगस्त से पहले उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिला है। लखनऊ स्थित हनुमान मंदिर में मिले इस पत्र में आरएसएस कार्यालय और बड़े मंदिरों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। मंदिर में मिले पत्र में लिखा गया है कि अगर 14 अगस्त की शाम तक पकड़े गए मुजाहिदों को रिहा नहीं किया गया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। चिट्ठी लिखने वाले शख्स ने खुद को जेहाद समर्थक बताया है। मंदिर प्रशासन से जुड़े लोगों ने तुरंत ही पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों से संपर्क किया और इसकी जानकारी दी। मंदिर में धमकी भरा पत्र मिलने की खबर से पुलिस और खुफिया विभाग में हड़कंप मच गया। 

लखनऊ के अलीगंज स्थित नए हुनमान मंदिर में गुरुवार की शाम एक धमकी भरा पत्र मिला था। रजिस्टर्ड डाक से भेजा गया यह पत्र मंदिर प्रबंधक के नाम से आया है। पत्र जिस लिफाफे में आया, उस पर त्रिवेणीनगर के उपडाकघर की मुहर लगी है। पत्र भेजने वाले के नाम व पते के स्थान पर जोगिंदर सिंह, खदरा मदेयगंज लिखा हुआ है। पत्र में लिखा है कि जिन मुजाहिदों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें तुरंत रिहा कर दिया जाए, हमारी कौम के सब्र का इम्तिहान न लिया जाए। अगर ऐसा न किया गया तो हमे मजबूरन हथियार उठाने पड़ेंगे। उस सूरत में लखनऊ शहर में हर बड़े मंदिर और आरएसएस के दफ्तर हमारे निशाने पर पहले से ही है।

पत्र में आगे लिखा पूरे शहर में 10 हिन्दू हजरात पर हमारी खास तवज्जो भी है जो कि इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। पत्र में कुछ भड़काऊ बातें भी लिखी हैं। पत्र में आगे लिखा है कि कोई यह न सोचे कि हमे किसी का खौफ है। हम सिर्फ अल्लाह से ही डरते हैं और इसलिए हम अपना नाम भी खुले तौर पर लिख रहे हैं। आगे लिखा है कि 15 अगस्त से एक दिन पहले तक का वक्त दिख जा रहा है। हमारे मुजाहिदों को छोड़ दो, वरना आगे के अंजाम के जिम्मेदार आप खुद होंगे। 

डीसीपी नार्थ देवेश कुमार पांडे ने बताया कि हमें एक पत्र के बारे में सचित किया गया है जिसमें कुछ मंदिरों पर हमला करने की धमकी दी गई है। मंदिर में मिले धमकी भरे पत्र की जांच करवाई जा रही है। पुलिस कर्मी इस मामले में काम कर रहे हैं। मंदिरों की कड़ी सुरक्षा की जा रही है। 

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