सार्वजानिक क्षेत्र की कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के मुनाफे में गिरावट आई है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में बीपीसीएल का मुनाफा 27.6 फीसदी घटकर 1,501.65 करोड़ रुपए रहा। निजीकरण के रास्ते पर आगे बढ़ रही बीपीसीएल को पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 2,076.17 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। आपको बता दें कि सरकार बीपीसीएल में अपनी समूची 52.98 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। हिस्सेदारी खरीदने को लेकर जिन तीन कंपनियों ने रूचि दिखाई है, उनमें से दो विदेशी कंपनियां हैं।
कंपनी की आय: वहीं, बीपीसीएल की परिचालन आय इस दौरान बढ़कर 89,687.12 करोड़ रुपए पर पहुंच गई, जो बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण 50,616.92 करोड़ रुपए रही थी। बीपीसीएल ने अप्रैल-जून 2021 तिमाही के दौरान 96.3 लाख टन पेट्रोलियम उत्पादों को बेचा एक साल पहले इसी तिमाही के दौरान कंपनी ने 75.3 लाख टन पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की थी।
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68.4 लाख टन कच्चे तेल का उत्पादन: आर्थिक गतिविधियों के साथ ईंधन की मांग में वृद्धि से बीपीसीएल की तेल रिफायनरियों ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 68.4 लाख टन कच्चे तेल का उत्पादन किया, जो वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में 54 लाख टन रहा था। कंपनी ने पहली तिमाही के दौरान कच्चे तेल के प्रत्येक बैरल को ईंधन में बदलने पर 4.12 डॉलर की कमाई की, जो इससे पिछले साल की पहली तिमाही में 0.39 डॉलर प्रति बैरल के मार्जिन से अधिक है।







