देश में तकनीक का समावेश और इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। वेंचर इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में अब तक (बीते नौ माह में) 28 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन गए हैं। इसके साथ ही देश में यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 65 पहुंच गई है। बता दें यूनिकॉर्न ऐसी स्टार्टअप कंपनियों को कहा जाता है, जिनका मूल्यांकन एक अरब डॉलर (करीब 7,200 करोड़) या उससे अधिक होता है।

इस साल अब तक जो स्टार्टअप यूनिकॉर्न बने हैं उनमें गेमिंग प्लेटफॉर्म मोबाइल प्रीमियर लीग, ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म ग्रोफर्स, क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज कॉइनडीसीएक्स और फिनटेक प्लेटफॉर्म भारतपे शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2011 से लेकर 2014 तक प्रति वर्ष केवल स्टार्टअप यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर पा रहे थे। वहीं, 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर चार, 2018 में आठ, 2019 में नौ, 2020 में 10 था, लेकिन इस साल जबरदस्त उछाल आया है। इस साल अब तक 28 स्टार्टअप यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर चुके हैं। यह संख्या आने वाले महीनों में और बढ़ने की पूरी उम्मीद है। यह दर्शाता है कि भारत स्टार्टअप के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनकर तेजी ससे उभरा है।

दिल्ली-नोएडा के भी स्टार्टअप बने यूनिकॉर्न

यूनिकॉर्न स्टार्टअप बनने में बेंगलुरु भारत का सिलिकॉन वैली बना हुआ है। इस साल बेंगलुरु से अब तक नौ स्टार्टअप को यूनिकॉर्न का दर्जा मिला है। वहीं, इसके बाद मुंबई का स्थान आता है , जहां से नौ स्टार्टअप यूनिकॉर्न बने हैं। इसके बाद गुरुग्राम से तीन, दिल्ली-नोएडा से दो-दो और पुणे से दो और थाणे से एक स्टार्टअप को यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त हुआ है।

किसा साल कितने स्टार्टअप बने यूनिकॉर्न

  • साल 2011 में 1
  • 2012  में 1
  • 2013 में 1
  • 2014 में 1
  • 2015 में 4
  • 2016 में 2
  • 2017  में 0
  • 2018 में  8
  • 2019 में  9
  • 2020 में  10
  • 2021 में  28

2021 में किस देश में कितने यूनिकॉर्न बने

  • अमेरिका 188
  • ब्रिटेन 09
  • चीन 28
  • ब्राजिल 03
  • भारत 28
  • इंडोनेशिया 01

स्रोत: वेंचर इंटेलिजेंस

इंटरनेट सॉफ्टवेयर से सबसे आगे

सीबी इनसाइट्स के डेटा से पता चलता है कि, अमेरिका में इंटरनेट सॉफ्टवेयर और सेवाओं के क्षेत्र ने सबसे अधिक संख्या में यूनिकॉर्न (50) बने हैं। इसके बाद फिनटेक 49 यूनिकॉर्न के साथ दूसरे नंबर पर आता है। इसके बाद 21 यूनिकॉर्न के साथ हेल्थ सेगमेंट और 15 यूनिकॉर्न के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर आता है।

2025 तक 150 से ज्यादा यूनीकॉर्न होंगे

हुरुन इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत तकनीक का इस्तेमाल जिस तेजी से बढ़ रहा है। इसको देखते हुए 2025 तक यहां यूनीकॉर्न की संख्या बढ़कर 150 से ऊपर चली जाएगी। भविष्य के यूनिकॉर्न का बाजार मूल्य अभी करीब 36 अरब डॉलर है। हम अभी से दुनिया में यूनीकॉर्न स्टार्टअप के मामले में तीसरे बड़े देश हैं। हमने आगे अमेरिका (396 यूनीकॉर्न) और चीन (277 यूनीकॉर्न) हैं।

बढ़ेंगे रोजगार के मौके

देश में अभी यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में 14 लाख लोगों को सालाना रोजगार मिलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूनिकॉर्न की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है उसको देखते हुए यह अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है कि आने वाले समय में इसमें लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह क्षेत्र तकनीकी पेशेवरों के साथ दूसरे जॉब के लिए भी अवसर उपलब्ध कराएगा।

 



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