कोरोना काल में डिजिटल फ्राॅड को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ऑटो डेबिट (Auto Debit Rule) को लेकर 1 अक्टूबर (1 October) यानी आज से नया नियम लागू कर दिया है। इससे अब ग्राहकों को बिना बताए उनके खाते डीटीएच पेमेंट, फोन रिचार्ज, ओटीटी प्लेटफाॅर्म का ऑटोमैटिक भुगतान नहीं किया जा सकेगा। आज से एडिशनल फैक्टर ऑफ अथेन्टिकेशन (AFA) नियम लागू हो गया है। आइए जानते हैं इस नये नियम की पांच बड़ी बातें जिसका प्रभाव आप पर पड़ेगा –
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1- ऑटो डेबिट भुगतान की सूचना ग्राहकों को पहले देनी होगी
नये नियम के अनुसार बैंक को पहले ही बकाया पेमेंट के भुगतान की जानकारी देनी होगी। ऐसे में अब ऑटोमैटिक ट्रांजैक्शन नहीं होगा। ग्राहक के अनुमति के बाद ही किसी को भुगतान किया जा सकेगा।
2- वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस
ग्राहकों को अब वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस करना होगा, जिसके बाद के पेमेंट बिना अथेन्टिकेशन के भी किया जा सकेगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान ग्राहक अपने भविष्य के ट्रांजैक्शन की वैलिडिटी सेट कर सकेगा।
3- अब से 5,000 से अधिक के भुगतान पर ओटीपी जरूरी
नई गाइडलाइन के अनुसार बैंक को 5,000 रुपये के ऊपर के रिकरिंग पेमेंट पर ओटीपी भेजना होगा। जिसके बाद ही भुगतान हो सकेगा।
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4- इन भुगतानों पर नहीं लागू हो यह नियम
इस नये नियम की कुछ सीमाएं भी हैं। जैसे यह सिर्फ यूटिलिटी जैसे भुगतानों पर ही लागू है। यानी SIP, म्युचुअल फंड और लोन के भुगतान ऑटो डेबिट के जरिए होते रहेंगे।
5 – बाहर निकलने का भी विकल्प
ग्राहक अपने प्री डेबिट नोटिफिकेशन में दिए गए लिंक के जरिए किसी विशेष लेनदेन की प्रक्रिया से बाहर निकल सकते हैं।







