राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को कांग्रेस की ‘महंगाई हटाओ रैली’ में राहुल गांधी महंगाई से ज्यादा हिंदु और हिंदुत्व पर बोले। दोनों के बीच फर्क बताते हुए राहुल ने मंच से अपील की कि हिंदुत्ववादियों को सत्ता से हटाकर हिंदुओं को वापस लाइए। राहुल गांधी की इस अपील पर सवाल उठाते हुए ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत केवल हिंदुओं का नहीं बल्कि हर भारतीय का है। उन्होंने कांग्रेस के सेक्युलरिजम पर तंज कसते हुए पूछा कि हिंदुओं को सत्ता में लाना कैसे सेक्युलर अजेंटा हो सकता है?
ओवैसी ने कहा, ”राहुल और कांग्रेस ने हिंदुत्व की जमीन को उपजाऊ बनाया। अब वे बहुसंख्यकवाद की फसल काटने की कोशिश कर रहे हैं। हिंदुओं को सत्ता में लाना 2021 का सेक्युलर अजेंडा है। वाह! भारत सभी भारतीयों का है, केवल हिंदुओं का नहीं। भारत सभी धर्मों के लोगों का है और उनका भी जिनका कोई विश्वास नहीं है।”
Rahul & INC fertilised the ground for Hindutva. Now they’re trying to harvest majoritarianism. Bringing “Hindus to power” is a “secular” agenda in 2021. Wah!
India belongs to all Bharatiyas. Not Hindus alone. India belongs to people of all faiths & also those who have no faith pic.twitter.com/9EfpynChqU
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) December 12, 2021
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने हाल ही में आई अपनी किताब में हिंदुत्व की तुलना आईएस और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकवादी संगठनों से की है। इसके बाद से बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है। इसके बाद से राहुल गांधी हिंदु और हिंदुत्व को अलग बताने में जुटे हुए हैं। रविवार को एक बार फिर राहुल गांधी ने इसमें अंतर समझाते हुए कहा, ”हिंदू वह है जो सभी धर्मों का सम्मान करता है, सभी को गले लगाता है और किसी से नहीं डरता। गीता, उपनिषद, रामायण, महाभारत को पढ़िए, कहां लिखा है कि गरीब और कमजोर को दबाया जाए?” राहुल ने महंगाई के लिए हिंदुत्ववादियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इन्हें हर कीमत पर सत्ता चाहिए।
हिंदू और हिदुत्व का मतलब एक नहीं: राहुल
अपने भाषण की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”दो जीवों की एक आत्मा नहीं हो सकती उसी तरह दो शब्दों का एक मतलब नहीं हो सकता क्योंकि हर शब्द का अलग मतलब होता है। देश की राजनीति में आज दो शब्दों की टक्कर है। दो अलग शब्दों की। इनके मतलब अलग हैं। एक शब्द हिंदू दूसरा शब्द हिंदुत्ववादी। यह एक चीज नहीं है। ये दो अलग शब्द हैं। और इनका मतलब बिलकुल अलग है। मैं हिंदू हूं, मगर हिंदुत्ववादी नहीं हूं।” उन्होंने कहा कि वह आज मौजूद लोगों को हिंदू व हिंदुत्ववादी शब्द के बीच फर्क बताना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ”महात्मा गांधी हिंदू… गोडसे हिंदुत्ववादी। फर्क क्या होता है? फर्क मैं आपको बताता हूं। चाहे कुछ भी हो जाए हिंदू सत्य को ढूंढता है। मर जाए, कट जाए, पिस जाए, हिंदू सच को ढूंढता है। उसका रास्ता सत्याग्रह है। पूरी जिंदगी वह सच को ढूंढने में निकाल देता है।”
‘लाना है हिंदुओं का राज’
कांग्रेस नेता ने कहा कि महात्मा गांधी ने पूरी जिंदगी सच को ढूंढने में बिता दी और अंत में एक हिंदुत्ववादी ने उनकी छाती में तीन गोलियां मारी। हिंदुत्ववादी अपनी पूरी जिंदगी सत्ता को खोजने में लगा देता है। उसे सिर्फ सत्ता चाहिए और उसके लिए वह कुछ भी कर देगा। …. उसका रास्ता सत्याग्रह नहीं उसका रास्ता सत्ताग्राह है। राहुल ने कहा, ”यह देश हिंदुओं का देश है, हिंदुत्ववादियों का नहीं है और आज अगर इस देश में महंगाई है दर्द है तो यह काम हिंदुत्ववादियों ने किया है। हिंदुत्ववादियों को किसी भी हालत में सत्ता चाहिए.. इनका सच्चाई से कोई लेना देना नहीं … 2014 से इन लोगों का राज है हिंदुत्ववादियों का राज है हिंदुओं का नहीं। और हमें हिंदुत्ववादियों को बाहर निकालना है और एक बार फिर हिंदुओं का राज लाना है।”







