PM modi visited Morbi after cable bridge collapse
PM modi visited Morbi after cable bridge collapse
BJP is feeling heat wave in MCD & Gujrat Election
PM Modi, Amit Shah and Nadda Planning to win Gujrat election

#Morbi Cable Bridge Collapse#PM Modi#Gujrat Govt.#Oreva Co.#Jaisukh patel#Gujrat Police# 135 Deaths in accident#Gujrat High Court News#

अक्टूबर माह की 30 तारीख को गुजरात के मोरबी में एक भयानक हादसे में 135 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी थी। राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर खानापूरी कर नौ लोगों को गिरफ्तार कर ​लिया है। लेकिन पुलिस ने कंपनी के मालिक और कंपनी के खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया है। एक माह बाद भी पुलिस की कार्रवाई वहीं के वहीं हैं। कहने को राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन कर दिया लेकिन उसमें क्या प्रगति हुई है इसकी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। प्रदेश सरकार तो किसी तरह विधानसभा चुनाव जीतने की तैयारी में जुटी हुई है। मोदी सरकार और अन्य बीजेपी शासित प्रदेशों के सीएम भी गुजरात में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। इसके अलावा सभी सांसद गुजरात के चुनाव में गली गली धूल फांक रहे हैं। इस बार गुजरात में बीजेपी सरकार के 27 साल के शासन का असंतोष लोगों में साफ झलक रहा है इसलिये बीजेपी और मोदी सरकार जीतने के लिये कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। वैसे भी इस बार कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी गुजरात में अपनी पहचान बनाई है। इस तरह बीजेपी के लिये दोहरी मार पड़ने की आशंका से बीजेपी डरी हुई है। इस बार मामला त्रिकोणीय होता दिख रहा है।

मजलूमों पर पुलिस ने की कार्रवाई

ओरेवा कंपनी का मालिक जयसुख पटेल पर क्या कार्रवाई हुई इस बात की भी जानकारी नहीं है। हादसे के दिन भी जयसुख पटेल मोरबी में ही था। लेकिन पुलिस ने उससे कोई पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी। फिलहाल वो कहां इस बात की न तो पुलिस को जानकारी है और न उसकी कोई तलाश की जा रही है। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया उसमें कंपनी के दो प्रबंधक, टिकट क्लर्क और दो सीक्योरिटी गार्ड हैं। जिनका इस पुल मरम्मत का ठेका लेने देने में कोई भूमिका नहीं थी। जिन लोगों की इस मामले में अहम् भूमिका थी उन्हें न तो पुलिस ने पूछताछ की और न प्रदेश सरकार ने उन पर हाथ डालने का प्रयास किया है।

ओरेवा को पुल मरम्मत का ठेका क्यों

लोगो की समझ में यह अभी तक समझ में यह नहीं आया है कि एक ऐसी कंपनी जो पुल मरम्मत का काम नहीं करती थी उसे किन कारणों से मोरबी केबल पुल का ठेका दिया गया। उसके पीछे मोरबी नगर पालिका की क्या मजबूरी थी। सरकार पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि सरकार और पुलिस ओरेवा कंपनी के मालिक जयसुख पटेल पर जानबूझ कर कार्रवाई करने से कन्नी काट रही है। इसके पीछे राजनीति में पटेलों का रसूख और पार्टी को मिलने वाला अकूत चंदा है। दिलवचस्प बात यह है कि आज तक किसी प्रशासनिक अधिकारी पर कोई अनुशासनिक स्तर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान ले कर गुजरात सरकार और 6 विभागों से स्टेटस रिपोट मांगी थी लेकिन सरकार की उस रिपोर्ट से चीफ जस्टिस नाराज हुए और सरकार से पूछा कि आपने 15 दिनों के बाद भी किसी बड़ी मछली पर हाथ क्यों नहीं डाला। इस पर सरकार कोई जवाब नहीं दे सकी। मोरबी जिला प्रशासन पर भी कार्रवाई क्यों नहीं की गयी। हाईकोर्ट ने सरकार की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सख्त टिप्पणी की। यह भी आदेश किया कि अगली सुनवायी में प्रदेश सरकार विस्तृत रिपोर्ट लेकर कोर्ट आये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here