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2024 के आम चुनाव को लेकर मोदी सरकार और भाजपा इस कदर तिलमिला गयी है कि वो लगातार ऐसे कारनामे कर रही है जो उनकी मंशा पर सवाल उठा रही है। ताजा मामला कांग्रेस के सासंद राहुल गांधी का है। मोदी सरकार और भाजपा राहुल गांधी की सांसदी खत्म कराने के इरादे से उन्हें फंसाती जा रही है। राहुल को भाजपा और मोदी सरकार कई तरफ से घेर रही है। एक तरफ कैंब्रिज में राहुल गांधी के भाषण के जरिये उन्हें संसद में लगातार घेर रही है। वहंी भाजपा और गुजरात सरकार ने मिलकर राहुल गांधी को अदालती कारगुजारियों में फंसा दिया है। सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि के मुकदमें में दोषी करार देेते हुए दो साल की अधिकतम सजा सुनायी है। इस मामले के चलते राहुल गांधी की सांसदी भी जा सकती है। मानहानि जैसे सामान्य मामले में अधिकतम सजा दो साल की होती है कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा और गुजरात सरकार ने जानबूझ कर अदालती आदेश पारित करवाया है।
आखिर मानहानि का मामला क्या है
2019 के आम चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने कर्नाटक की जनसभा में यह कहा कि आखिरकार हर भ्रष्टाचारी के नाम के पीछे मोदी ही क्यों लगा है। उन दिनों राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि चैकीदार ही चोर है। यह नारा देश में काफी चर्चित हुआ। भाजपा ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया। उनके ही एक विधायक ने जो स्वयं ओबीसी से आता है उसके नाम के पीछे भी मोदी लगा था उसने राहुल गांधी पर मानहानि का सूरत में एक मुकदमा ठोक दिया। उसी मुकदमे में सूरत की अदालत ने चार साल बाद राहुल गांधी को दोषी मानते हुए उन्हें दो साल की सजा सुनायी है। मालूम हो कि दो साल की सजा पर किसी भी पार्षद, विधायक और सांसद की सांसदी खत्म की जा सकती है। सपा के पूर्व सांसद आजम खान और उनके बेटे की विधायकी भी ऐसे मामले में रद की गयी है।
अदालती आदेश से कांग्रेस में उबाल
पिछले कई सालों से राहुल गांधी मोदी सरकार को घेरने में लगे हैं। वो सीधा हमला पीएम मोदी पर करते हैं जिससे भाजपा बुरी तरह बौखला गयी है। प्रत्यक्ष रूप से तो भाजपा राहुल गांधी को पार्ट टाइम नेता बताते नहीं चूकते लेकिन उनके बयान पर पूरी भाजपा और मोदी सरकार तिलमिला कर राहुल पर हमलावर हो जाती है। अगर राहुल बेवकूफी भरे बयान देते हैं तो पूरी भाजपा और मंत्रिमंण्डल बौखला क्यों जाता है। इसके साथ ही राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा का बेहद सफलतापूर्वक आयोजन किया। इससे कांग्रेस का फिर जागरण होता दिखा है। ये बात भी भाजपा को हजम नहीं हो रही है। कांग्रेस में भी राहुल गांधी के अलावा कोई और फायर ब्रांड नेता नहीं है जो मोदी सरकार और भाजपा को कड़ी टक्कर दे सके। यही वजह है कि सत्तारूढ़ दल किसी न किसी तरह राहुल गांधी को कुचक्रों में फंसाना चाह रही है ताकि कांग्रेस आने वाले आम चुनाव में उनके लिये मुसीबत खड़ी न कर सके। इस बात को कांग्रेस भी पूरी तरह समझ रही है। इसलिये वो देशव्यापी आंदोलन चला कर भाजपा और मोदी सरकार की साजिशों को पर्दाफाश करने की तैयारी में जुट गयी है। 2024 के आम चुनाव को देखते हुए भाजपा और मोदी सरकार हर वो कदम उठा रही है जिससे विपक्षी दल कानूनी दांव पेंच में ही उलझ कर रह जाये और भाजपा एक बार फिर सत्ता में आ जाये। वैसे भी देश में भाजपा के पक्ष में माहौल नहीं दिख रहा है।

भाजपा की मंशा ये है
चर्चा यह भी है कि भाजपा और मोदी सरकार यह चाह रहे हैं कि राहुल गांधी सरकार की आलोचना करना चाहें तो करें अडानी की जांच की मांग करें। लेकिन पीएम मोदी का नाम सीधे तौर पर अडानी से न जोड़ें। लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी उनकी इस बात से सहमत नहीं हैं। संसद में भी भाजपा सांसद और कैबिनेट मिनिस्टर लंदन में दिये गये भाषण आधारBJP is feeling heat wave in MCD & Gujrat Electionमान कर सदन में माफी की मांग कर रहे हैं। कुछ सांसदों ने तो उनकी सदस्यता रद करने की मांग भी कर दी है। यह माना जा रहा है कि लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति दोनों ही भाजपा के सांसद हैं तो संभव है कि वो राहुल गांधी की सदस्यता रद करने की मांग को मानते हुए राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त भी कर सकते हैं। इस तरह से वो राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य पर संकट भी आ सकता है।                                                                                                                    PM Modi is serious about next Gen. election with Amit Shah & BJP Chief  JP Nadda

 

 

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