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23 मार्च को सूरत की जिला अदालत ने मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनायी थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी की सांसदी रद कर दी है। साथ उनके संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव कराने की तैयारी भी शुरू हो गयी है। कांग्रेस के लिये ये एक बड़ा झटका माना जा सकता है। क्यों कि अगर राहुल गांधी की सजा सूरत जिला की अदालत खत्म नही करती है तो राहुल दो साल मानहानि और उसके अलावा छह साल तक वो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। लेकिन कांग्रेस भी राहुल गांधी की संसदी बचाने को जी जान लगा देगी। हर कानूनी दांव पेंच के लिये विशेषज्ञों से सलाह मश्विरा ले रही है। वैसे नामचीन वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राहुल के लिये अभी उच्च अदालत में जाने का विकल्प है। लोकसभा स्पीकर ने उनकी सदस्यता समाप्त करने में काफी जल्दबजी दिखायी है जिसकी चैतरफा निंदा हो रही है। राहुल गांधी की सांसदी खत्म करने के मामले में समूचे विपक्ष ने मोदी सरकार और भाजपा की कड़ी निंदा की है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी राहुल गांधी के साथ मोदी सरकार की कार्रवाई को कायराना बताया है। वहीं शिवसेना के ऊद्धव ठाकरे, आरजेडी के सुप्रीमो लालू यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, जेडीयू के संयोजक नितीश कुमार,बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, एनसीपी के शरद पवार, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, तेलंगाना के सीएम केसीआर और प बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने मोदी सरकार की हरकतों और अदालत की कड़ी निंदा की है।
देश में कानून से ऊपर कोई भी नहीं-अनुराग ठाकुर
वहीं मोदी सरकार के मंत्री और भाजपाई कोर्ट के फैसले को सही बताते हुए स्वागत कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहते हैं कि देश में कानून से ऊपर कोई भी नहीं यह बात अदालत ने सिद्ध कर दी है। यह बात वो मंत्री कर रहा है जिसने दिल्ली के विधानसभा चुनाव के दौरान विवादित बयान गोली मारो सालों को दिया था। उनके इस बयान को दिल्ली हाई कोर्ट के जज ने कहा अगर कोई बात हंसते हुए कहा तो उसकी मंशा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। गजब अदालतें हैं राहुल गांधी भ्रष्टाचार और आपराधिक प्रवृत्ति वाले मोदी सरनेम को चोर कहते हैं तो तो अदालत उन्हें मानहानि का देषी ठहरा कर उन्हें अधिकतम दो साल की सजा सुनाती है। ऐसे में अदालतों के आदेशों पर सवालिया निशान उठना लाजिमी हैं।

मोदी सरकार के आगे झुकेगी नहीं कांग्रेस-राहुल गांधी
इससे भाजपा ओर मोदी सरकार को कई मोर्चों पर राहत मिलती दिख रही है। एक तरफ लोकसभा में राहुल गांधी मोदी सरकार और पीएम को घेर नहीं सकेंगे। इसके अलावा कांग्रेस में कोई और फायर ब्रांड सांसद नहीं है जो सरकार को इतने जोरदार ढंग से घेर सके। दूसरा यह भी है कि राहुल की सांसदी जाने से कांग्रेस काफी कमजोर हो जायेगी। इससे वो आगामी आम चुनाव में बीजेपी की राह में रोड़े नहीं अटका पायेगी। कुल मिला कर बीजेपी राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य बर्बाद करने में काफी हद तक सफल होती दिख रही है। राहुल गाधी ने अदालत के आदेश के बाद कहा कि वो जनता की आवाज किसी कीमत पर उठाते रहेंगे। उन्हें सदस्यता खत्म होने की कोई चिंता नहीं है।
कांग्रेस राहुल गांधी मामले को जनता तक पहुंचायेगी
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वो मोदी सरकार के जुल्मों के आगे घुटने नहीं टेकेगी। वो घर घर तक मोदी सरकार की करतूतों को बतायेगी कि किस तरह जनता की समस्याओं की आवाज उठाने वालों के साथ कुचक्र और साजिशें रच रही है। राहुल गांधी ने जोरदारी से अडानी समूह के फ्राॅड की जांच की मांग जेपीसी से कराना चाही थी। मोदी सरकार इससे काफी घबराई हुई थी। इस तरह की चर्चा है कि अडानी को बेजा तरीके से वित्तीय मदद की है। इन सब बातों से पीएम मोदी और भाजपा परेशान हो रहे थे। राहुल गांधी से छुटकारा पाने के लिये भाजपा ने अदालत का सहारा लेते हुए उनकी सांसदी रद करायी है। भाजपा और मोदी सरकार राहुल गांधी की स्वीकार्यता और लोकप्रियता से चिढ़ रहे हैं उन्हें लगने लगा था कि राहुल गांधी अगर संसद में ऐसे ही मोदी सरकार पर हमलावर रहे तो उनकी मिट्टी पलीत होने में देर नहीं लगेगी। इन्हीं सभी वजहों से भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ साजिशें रची और राहुल गांधी उनकी साजिशों के जाल में फंस गये।








