भारतीय सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने खुफिया जानकारियों के आधार पर चीन से आने वाले सामानों की सभी खेपों का भौतिक निरीक्षण शुरू कर दिया है। यह ऐसे समय किया जा रहा है भारत और चीन के बीच सीमा विवाद नए शिखर पर पहुंच गया है।
इस मामले से प्रत्यक्ष तौर पर जुड़े सरकारी सूत्रों ने बताया कि हालांकि, इसे लेकर कोई औपचारिक आदेश नहीं है, लेकिन भारतीय सीमा शुल्क प्राधिकरण चीन से आने वाली हर उस खेप का विशेष निरीक्षण कर रहा है। जो किसी भी हवाई अड्डे या बंदरगाह पर पहुंच रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अधिकारी दस्तावेज, माल और मूल्यांकन की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “चीन से कंटेनरों को स्वीकार करने या न करने के बारे में कोई आदेश (मौखिक या लिखित) सीमा शुल्क या केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क (सीबीआईसी) द्वारा किसी भी बंदरगाह को जारी नहीं किए गए हैं। यदि कुछ मामलों में कंटेनरों को रोका जाता है, तो वह खुफिया जानकारी के कारण होता है। यह जोखिम के आकलन के आधार पर होने वाला नियमित कदम है।”
निर्यातकों ने चिंता जताई
कुछ निर्यातकों ने हांगकांग और चीन के सीमाशुल्क विभागों द्वारा सामान की खेप रोके जाने पर चिंता जताई है। निर्यातकों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) ने गुरुवार को कहा कि चेन्नई बंदरगाह पर भारतीय अधिकारियों ने इसी तरह की कार्रवाई की है। इसकी प्रतिक्रिया में हांगकांग और चीन के सीमा शुल्क विभागों ने यह कदम उठाया है।







