Edited By Abhishek Kumar | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

सचिन पायलट और अमित शाह के आपस में मुलाकात की खबरें हैं।

जयपुर/नई दिल्ली

राजस्थान की राजनीति में घटनाक्रम लगातार बदल रहे हैं। रविवार देर तक जयपुर में बैठकों का दौर जारी है। सूत्रों का यह भी कहना है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार रात करीब 12:30 बजे सचिन पायलट को मिलने का वक्त दिया है। सचिन पायलट खुद अमित शाह के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात को देखते हुए अमित शाह के आवास के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया है। सूत्र बता रहे हैं कि बीजेपी के प्रवक्ता जफर इस्लाम की पहल से सचिन पायलट और अमित शाह की बैठक फिक्स हुई है। जफर इस्लाम वही नेता हैं जिन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया और अमित शाह की मुलाकात कराई थी।



थर्ड फ्रंट के विकल्प पर काम कर रहे हैं पायलट


सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सचिन पायलट राज्य में थर्ड फ्रंट बनाने की कोशिश कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में सचिन पायलट के समर्थन में इतने विधायक नहीं हैं जो कि वे अशोक गहलोत की सरकार को गिरा दें। इसलिए वे थर्ड फ्रंट के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं।

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सूत्रों का कहना है कि अगर सचिन पायलट थर्ड फ्रंट के विकल्प को अपनाते हैं तो उन्हें कांग्रेस के 30 विधायकों का समर्थन मिल सकता है। वहीं बीजेपी में शामिल होने पर करीब 18 विधायक उनके साथ कांग्रेस से इस्तीफा देने को तैयार हैं। मौजूदा राजनीतिक हालात और राजनीति के नंबर गेम में 18 विधायकों के इस्तीफे से अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में आती हुई नहीं दिख रही है। इस वक्त राजस्थान में बीजेपी के 72 विधायक हैं, आरएलपी के 3 विधायक उन्हें समर्थन दे रहे हैं। इस तरह इस खेमे में 75 विधायक हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के खुद के 107 विधायक हैं और निर्दलीय व अन्य छोटी पार्टियों के समर्थन से वह बहुमत के नंबर 120 को आसानी से छू रही है। दोनों की तुलना करें तो 45 विधायकों का अंतर है। ऐसे में 18 विधायकों के इस्तीफे के बाद भी गहलोत सरकार बहुमत के नंबर के साथ बनी रह सकती है।

सूत्रों का कहना है कि रविवार रात को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से बुलाई गई विधायकों की बैठक में शामिल कई चेहरे भी थर्ड फ्रंट बनने के हालात में सचिन पायलट के साथ जा सकते हैं। हनुमान बेनीवाल भी इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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सिंधिया से मिले पायलट: सूत्र

राजनीतिक गहमागहमी के बीच सूत्रों के हवाले से खबर आई कि दिल्ली में सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई है। हालांकि इसपर आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस मुलाकात के बाद सिंधिया ने ट्वीट में कहा है कि उन्हें अपने दोस्त की हालत पर तरस आ रहा है। पायलट को सीएम गहलोत दबाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि कांग्रेस में टैलेंट और क्षमता का कोई महत्व नहीं है।



सचिन पायलट का गहलोत के खिलाफ हल्ला बोल


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार सुबह 10:30 बजे विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई है। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस बैठक में आने से मना कर दिया है। उनके इस फैसले के बाद से ही माना जा रहा है कि सचिन पायलट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह बगावती सुर अपना लिया है।

राजस्थान में सियासी संकट: पायलट ने 30 विधायकों का समर्थन होने का किया दावाराजस्थान में सियासी संकट: पायलट ने 30 विधायकों का समर्थन होने का किया दावाराजस्थान की राजनीति में मध्य प्रदेश जैसे हालात बनते हुए दिख रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थक विधायक रविवार देर रात को ही इस्तीफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि सचिन पायलट के समर्थक विधायकों ने कहा है कि वह रविवार देर रात में ही राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी को इस्तीफा सौंप देंगे। पायलट ने दावा किया है की उनके समर्थन में 30 विधायक हैं।

डैमेज कंट्रोल में जुटे माकन, रणदीप, अविनाश

उधर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय दिल्ली से जयपुर पहुंच गए हैं। तीनों नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। ये लोग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ बैठक कर रहे हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर अविनाश पांडेय ने कहा था कि उनकी राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को कोई खतरा नहीं है, लेकिन जयपुर इसी दौरान उन्होंने ये भी कहा था कि सचिन पायलट से उनकी बात नहीं हो पा रही है। जयपुर पहुंचने के बाद अविनाश पांडेय के बयान में बदलाव दिखा। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस पर आक्रमण कर दिया है। इस मुश्किल वक्त में हमें आपसी बातचीत से बातों को सुलझाना होगा।



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