भारत के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी ने बुधवार को कहा कि उनके समूह के खुदरा उद्यम में रणनीतिक और वित्तीय निवेशक मजबूत दिलचस्पी दिखा रहे हैं। रिलायंस रिटेल ने पहले ही अपने ई-वाणिज्य व्यवसाय की परीक्षण आधार पर शुरुआत कर दी है। अंबानी ने कहा, “हमने किराना भागीदारों के साथ जियोमार्ट किराने के मॉडल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। जियोमार्ट किराने के प्लैटफॉर्म का बीटा संस्करण 200 शहरों में चलाया जा रहा है। दैनिक ऑर्डर 2.5 लाख को पार कर चुके हैं, और संख्या हर दिन बढ़ रही है।”
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80 प्रतिशत से अधिक फल और सब्जी सीधे किसानों से खरीदते स्टोर
उन्होंने कहा कि किसानों को साथ में जोड़ना और उनकी ताजा उपज सीधे घरों तक पहुंचाना कंपनी की किराना रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा, “इससे किसानों की आय में काफी सुधार होगा और उच्च उत्पादकता को प्रोत्साहन मिलेगा।” रिलायंस रिटेल के 12 हजार स्टोर में से दो-तिहाई से अधिक स्टोर टियर 2, टियर 3 और टियर 4 शहरों में संचालित हैं। उन्होंने कहा, “ये स्टोर 80 प्रतिशत से अधिक फल और सब्जी सीधे किसानों से खरीदते हैं।
नीता अंबानी ने पहली बार रिलायंस एजीएम को संबोधित किया
मुकेश अंबानी की पत्नी व रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने पहली बार रिलायंस एजीएम को संबोधित किया। इस मौके पर नीता ने शेयर धारकों को रिलायंस फाउंडेशन द्वारा कोरोना संकट में किए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। नीता अंबानी ने बताया कि मिशन अन्न सेवा के जरिये देश भर में 5 करोड़ से ज्यादा गरीबों, मजदूरों और फ्रंटलाइन वर्करों के लिए भोजन उपलब्ध कराया गया।
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नीता अंबानी ने बताया कि कोरोना संक्रमण शुरू होते ही पीपीई किट का बड़ा संकट पैदा हो गया था। इसके लिए रिकॉर्ड वक्त में ऐसी मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाई गई, जिससे हर दिन 1 लाख पीपीई किट और एन 95 मास्क बनाए जा सकें। उन्होंने बताया कि रिलायंस इमर्जेंसी सर्विस में लगी गाड़ियों के लिए देश भर में मुफ्त ईंधन उपलब्ध करा रहा है।







