राजस्थान में सियासी संकट के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार देर रात विधानसभा सत्र बुलाने का आदेश जारी कर दिया है। राज्यपाल ने गहलोत सरकार से कहा है कि वो 14 अगस्त से विधानसभा सत्र बुलाए। बता दें कि आज शाम को ही विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने राज्यपाल से मुलाकात की थी।

राज्यपाल के विधानसभा सत्र बुलाने के फैसले से पहले विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। जोशी ने 24 जुलाई को आए राजस्थान हाई कोर्ट के पायलट खेमे की अर्जी पर फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की है।

सचिन पायलट सहित कांग्रेस के 19 बागी विधायकों की रिट याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने 24 जुलाई को विधानसभा स्पीकर के नोटिस पर स्टे लगा दिया था। इस हिसाब से अगले आदेश तक पायलट गुट की सदस्यता को कोई खतरा नहीं है। 

इसके बाद विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट रुख किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी अर्जी वापस ले ली थी। जोशी ने शिकायत की थी कि हाई कोर्ट का आदेश उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।

वहीं, राजस्थान में अशोक गहलोत कैबिनेट ने विधानसभा सत्र बुलाने के लिए एक बार फिर संशोधित प्रस्ताव को बुधवार रात मंजूरी दी। इसमें 14 अगस्त से सत्र बुलाने का प्रस्ताव किया गया था। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इससे सत्र के लिए 21 दिन के स्पष्ट नोटिस की अनिवार्यता पूरी हो जाएगी जिस पर राज्यपाल कलराज मिश्र बार-बार जोर दे रहे हैं।

राज्य कैबिनेट की बैठक बुधवार शाम मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई जिसमें संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। बैठक के बाद परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जा रहा है। मुझे पक्की उम्मीद है कि गतिरोध खत्म होगा और विधानसभा सत्र जल्द ही होगा।





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