माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकरण कराने वाले व्यवसाय आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) का विकल्प चुन सकते हैं। ऐसा नहीं होने पर पंजीकरण सिर्फ तभी हो सकेगा, जब व्यवसाय के स्थान का भौतिक युप से सत्यापन कर लिया जायेगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अधिसूचना में कहा कि अब जीएसटी पंजीकरण के लिए एक आवेदक शुक्रवार से आधार संख्या के प्रमाणीकरण का विकल्प चुन सकते हैं।
करदाता चुन सकता है आधार प्रमाणीकरण का विकल्प
अधिसूचना में कहा गया, ”यदि कोई व्यक्ति आधार संख्या का प्रमाणीकरण नहीं कराता है या इसका विकल्प नहीं चुनता है, तो ऐसी स्थिति में जीएसटी पंजीयन संबंधित व्यक्ति की उपस्थिति में व्यवसाय स्थल के भौतिक रूप से सत्यापन के बाद ही हो सकेगा। पीडब्ल्यूसी इंडिया में पार्टनर (अप्रत्यक्ष कर) प्रतीक जैन ने कहा कि जीएसटी के तहत पंजीकरण करने वाला एक करदाता आधार प्रमाणीकरण का विकल्प चुन सकता है, जिसमें परिसर के भौतिक निरीक्षण के बिना तीन दिनों के भीतर पंजीकरण की अनुमति दी जाती है।
यह भी पढ़ें: 1377 निर्यातकों का फर्जीवाड़ा,1875 करोड़ का जीएसटी रिफंड का किया दावा
उन्होंने कहा कि अन्य मामलों में, समयावधि 21 दिन तक हो सकती है और अधिकारी व्यवसाय के स्थान का भौतिक सत्यापन या आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा कर सकते हैं। जैन ने कहा, ”आधार को जीएसटी और पैन (स्थायी खाता संख्या) के साथ जोड़ने से सरकार के पास एक केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध होगा जो डेटा एनालिटिक्स की सुविधा प्रदान करेगा और कर चोरी रोकने में मदद करेगा। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स में सीनियर पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि आधार संख्या का प्रमाणीकरण जीएसटी पंजीकरण के लिये एक मानक होगा, जिसके अभाव में पंजीकरण व्यवसाय के स्थान के भौतिक सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।







