नई दिल्ली
जून तिमाही के लिए GDP के आंकड़े सामने आ गए हैं। इकॉनमी की सेहत को लेकर जितनी खराब संभावनाएं जताई जा रही थी, रिपोर्ट उससे भी खराब आई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इकॉनमी की दिशा और दशा का पता चलेगा
जून तिमाही को लेकर जीडीपी की रिपोर्ट जो आएगी, उससे देश की इकॉनमी की दिशा और दशा का पूरा-पूरा पता चल पाएगा। इधर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी की जीडीपी में जून तिमाही में 18.3 फीसदी की गिरावट आ सकती है।
जून तिमाही के लिए GDP के आंकड़े सामने आ गए हैं। इकॉनमी की सेहत को लेकर जितनी खराब संभावनाएं जताई जा रही थी, रिपोर्ट उससे भी खराब आई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इकॉनमी की दिशा और दशा का पता चलेगा
जून तिमाही को लेकर जीडीपी की रिपोर्ट जो आएगी, उससे देश की इकॉनमी की दिशा और दशा का पूरा-पूरा पता चल पाएगा। इधर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी की जीडीपी में जून तिमाही में 18.3 फीसदी की गिरावट आ सकती है।
मुंबई एयरपोर्ट में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा अडाणी समूह
मार्च तिमाही में ग्रोथ रेट 3.1 फीसदी रहा था
पिछली तिमाही यानी जनवरी-मार्च (वित्त वर्ष 2019-20 की आखिरी तिमाही) में इसमें 3.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी जो कम से कम आठ साल में भारतीय इकॉनमी का सबसे खराब प्रदर्शन था। इस सर्वे में आर्थिक जानकारों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर में विकास दर माइनस 8.1 फीसदी और अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए विकास दर माइनस 1 फीसदी रह सकती है।







