Delhi-NCR Metro Guidelines: अनलॉक-4 की दिशानिर्देशों के तहत मेट्रो का संचालन सात सितंबर से शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने मंगलवार को मेट्रो के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को अंतिम रूप देने के लिए बैठक की। एसओपी/गाइडलाइंस का ऐलान सरकार बुधवार को करने जा रही है।
इस बैठक से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बैठक की अध्यक्षता की और 15 मेट्रो रेल निगमों के प्रबंध निदेशकों ने भाग लिया। गृह मंत्रालय ने बीते शनिवार को अनलॉक 4 के लिए गाइडलाइंस जारी की थीं। इसी में सरकार ने मेट्रो ट्रेनों के संचालन को भी सात सितंबर से हरी झंडी दे दी थी।
मंत्रालय के प्रवक्ता राजीव जैन ने कहा, ‘जैसे की पहले बताया गया था, मेट्रो सेवाएं सात सितंबर 2020 से शुरू होंगी। पहले से ही प्रसारित किए गए एसओपी पर चर्चा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से मेट्रो रेल निगमों के प्रबंध निदेशकों के साथ की गई। वीसी में सुझावों पर विचार किया गया और एसओपी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी दो सितंबर (बुधवार) को एसओपी/गाइडलाइंस का ऐलान करेंगे।’
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निगमों से राज्य सरकार के परामर्श से उन स्टेशनों की सूची बनाने के लिए कहा गया है, जहां से मेट्रो का संचालन शुरू होगा। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को कड़ी गाइडलाइंस का पालन करना होगा, जिसमें मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग शामिल होगा। अगर यात्री इसका पालन नहीं करते हैं तो फिर उन्हें जुर्माना चुकाना पड़ेगा।
वहीं, जो यात्री मेट्रो में सफर करेंगे, उन्हें स्मार्ट कार्ड का उपयोग करना होगा। टोकन सिस्टम का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों ने हमारे सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को पहले ही बताया था कि मेट्रो रेल कंपनियां क्षेत्र में वायरस की स्थिति के आधार पर अपने स्वयं के प्रतिबंध लगाने के लिए स्वतंत्र होंगी। इसकी जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा, ‘मोटे तौर पर हमारे पास कुछ स्टॉपेज हो सकते हैं और स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से खोल सकते हैं, वहां थर्मल स्क्रीनिंग, फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग आदि अनिवार्य होंगे।’
मेट्रो रेल को फिर से शुरू करने के नए मानदंडों में मेट्रो कार्ड को जरूरी करने की संभावना है। इसके अलावा, प्रत्येक स्टेशन पर औसत ठहराव समय में बढ़ोतरी, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी स्टेशनों पर कतारों के लिए चिह्नों और सोशल डिस्टेंसिंग लागू करते हुए यात्रा की अनुमति दी जा सकती है।







