लोक सेवा आयोग ने शुक्रवार को पीसीएस 2018 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। इस भर्ती में 119 डिप्टी कलेक्टर और 94 डिप्टी एसपी समेत पीसीएस संवर्ग के 42 प्रकार के 976 पदों पर चयन किया गया है। हरियाणा के हुडा पानीपत की अनुज नेहरा ने टॉप किया है। इसी राज्य के गुरुग्राम की संगीता राघव को दूसरा स्थान मिला है जबकि मथुरा की ज्योति शर्मा को तीसरा और जालौन के विपिन कुमार को चौथा स्थान मिला है। पटना के कर्मवीर केशव ने पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
 

जानिए क्या कहती हैं टॉपर अनुज नेहरा : 

पानीपत की बेटी अनुज नेहरा ने अपने पहले ही प्रयास में यूपी-पीसीएस की परीक्षा टॉप की है। इसके पहले वह लोक सेवा आयोग की परीक्षा दो बार दे चुकी हैं, लेकिन पिछली परीक्षा में दो अंकों से रह गईं थीं। उन्होंने बताया कि माता-पिता उनके सबसे बड़े प्रेरणा स्त्रोत रहे। यूपीएससी में सफल न होने पर भी उन्होंने मनोबल टूटने नहीं दिया और मेहनत जारी रखने की हिम्मत दी। परीक्षा के लिए उन्होंने 12 से 13 घंटों तक पढ़ाई कर तैयारी की थी। उन्होंने 10वीं व 12वीं पानीपत के केंद्रीय विद्यालय से की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से विज्ञान में स्नातक की। शुरूआत से ही यूपीएससी क्लियर करने का उनका सपना था, उसमें सफल नहीं हो पाई। इस बीच यूपी लोक सेवा आयोग की परीक्षा की भी तैयारी की तो यह क्लियर हो गया। अनुज नेहरा के पिता अशबीर सिंह भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट से हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हैं। अनुज ने बताया कि उनहें अपने भाई से जीवन में बेहतर करने की प्रेरणा मिली। वह पीजीआई रोहतक में सर्जन हैं। उनकी मां गृहिणी हैं। 

जरूरतमंदों की सहायता के लिए चुनी सिविल सर्विसेज:
गुरुग्राम के शांती नगर में रहने वाली संगीता राघव ने अपने दूसरे प्रयास में यूपी-पीसीएस 2018 की परीक्षा टॉप कर दूसरा स्थान हासिल किया है। संगीता ने बताया कि मास्टर्स की पढ़ाई के दौरान उन्हें नेपाल और हिमाश प्रदेश में एक प्रोजेक्ट के लिए जाना पड़ा था। वहां उन्हें वर्ल्ड बैंक और साउथ एशियन इंस्टीट्यूट के एक प्रोजेक्ट में वहां के लोगों के अच्छे जीवन यापन और उनकी सहायता के लिए काम करने का मौका मिला था। वहीं से उनमें जरूरतमंदों की सहायता के लिए कुछ करने का जज्बा पैदा हुआ। हालांकि उन्होंने पहले ही सोच रखा था कि वह सिविल सर्विसेज में ही जाएंगी। उन्होंने बताया कि 2017 में उन्होंने प्रीलिम्स की परीक्षा दी थी, लेकिन उसमें कम अंक आए थे। इसके बाद उन्होंने तैयारी के लिए और मेहनत की और अपने दूसरे प्रयास में ये परीक्षा अच्छे नंबरों से पास कर ली। संगीता ने बताया कि उनकी प्राथमिकता बच्चों में कुपोषण को खत्म करने, मानसिक स्वास्थ्य और महिला शक्तिकरण के लिए काम करने की रहेगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से उनका पुराना नाता है। इसलिए उन्होंने यूपी-पीसीएस की परीक्षा देने का फैसला लिया। संगीता ने बताया कि योग और मेडिटेशन के जरिए भी उन्हें अपने आप को बेहतर विकसित करने में सहयोग मिला। संगीता ने 12वीं देव समाज विद्या निकेतन स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने सेक्टर-12 राजकीय कन्या महाविद्यालय से बीएससी की। दिल्ली की इंद्रप्रस्था यूनिवर्सिटी से उन्होंने नेचुरल रिसॉर्स मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने पीएचडी के लिए जेएनयू में भी दाखिला लिया, लेकिन सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए वह पूरी नहीं की। संगीता ने बताया कि उन्होंने ये कामयाबी स्वयं पढ़ाई करके की है। उनके एक सीनियर ने उन्हें इसकी तैयारी करने में काफी मदद की। संगीता के पिता दिनेश राघव भी नैसेना से सेवानिवृत्त हैं। उनकी माता गृहिणी हैं। बड़ी बहन भी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं और एक छोटा भाई भी है।





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here