नई दिल्ली
दिल्ली के तुगलकाबाद में बुधवार सुबह ऑटो रिक्शा की पीछे वाली सीट पर पांच फुट का अजगर पाया गया। वाइल्ड लाइफ एसओएस के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह सुबह सड़क किनारे खड़े ऑटोरिक्शा में अजगर पाया गया , उस वक्त ऑटो में कोई नहीं था।
ड्राइवर ने अपने ऑटो रिक्शा के सीएनजी किट के नीचे अजगर को लिपटा पाया और वाइल्ड लाइफ एनजीओ के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। एनजीओ की दो सदस्यीय टीम ने अजगर को सीएनजी किट से हटाया। एक अधिकारी ने बताया कि बाद मे उसे एक जंगल में छोड़ दिया गया।
दिल्ली के तुगलकाबाद में बुधवार सुबह ऑटो रिक्शा की पीछे वाली सीट पर पांच फुट का अजगर पाया गया। वाइल्ड लाइफ एसओएस के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह सुबह सड़क किनारे खड़े ऑटोरिक्शा में अजगर पाया गया , उस वक्त ऑटो में कोई नहीं था।
ड्राइवर ने अपने ऑटो रिक्शा के सीएनजी किट के नीचे अजगर को लिपटा पाया और वाइल्ड लाइफ एनजीओ के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। एनजीओ की दो सदस्यीय टीम ने अजगर को सीएनजी किट से हटाया। एक अधिकारी ने बताया कि बाद मे उसे एक जंगल में छोड़ दिया गया।
वाइल्ड लाइफ एसओएस के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, ‘सांपों को संभालना एक चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है लेकिन हमारी टीम ऐसे संवेदनशील अभियान के लिए प्रशिक्षित है। यह अजगर इस बात का उदाहरण है कि कैसे शहरी परिवेश में सरीसृप प्राणियों को मुश्किलें आती हैं।’







