भारत के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह ने हरभजन सिंह का साथ देते हुए पूर्व कोच ग्रैग चैपल को आड़े हाथों लिया है। हरभजन ने भारत के कोच रह चुके चैपल के कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट के सबसे बुरे दिनों में बताया था। चैपल ने एक आर्टिकल में धोनी के बारे में कहा था कि वह धोनी को गेंद को नीचे रखकर मारने की सलाह देते थे। इसके बाद हरभजन ने ट्वीट किया था कि उन्होंने धोनी से गेंद को नीचे रखकर मारने की सलाह दी क्योंकि कोच उस समय सभी को स्टेडियम के बाहर भेज रहे थे। वह अलग ही गेम खेल रहे थे।
He asked Dhoni to play along the ground coz coach was hitting everyone out the park.. He was playing different games ?#worstdaysofindiancricketundergreg ??? https://t.co/WcnnZbHqSx
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) May 13, 2020
युवराज ने हरभजन के ट्वीट के जवाब में चैपल पर परोक्ष रूप से निधाना साधते हुए लिखा कि एमएसडी (धोनी) और युवी अंत में कोई छक्का नहीं, नीचे शॉट मारो। जवाब से पहले युवराज ने हंसने वाला इमोजी भी बनाया था। बता दें कि चैपल 2005 से 2007 तक भारतीय टीम के कोच रहे थे। उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा और कई सीनियर खिलाड़ियों के साथ उनके मतभेद रहे जिसमें तत्कालीन कप्तान और मौजूदा समय में बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली भी शामिल थे।
? Msd and Yuvi no sixes in the last 10 play down the ground
— yuvraj singh (@YUVSTRONG12) May 13, 2020
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चैपल ने प्लेराइट फाउंडेशन के साथ फेसबुक पेज पर बात करते हुए कहा कि मुझे याद है कि जब मैंने उनको (धोनी को) पहली बार बल्लेबाजी करते देखा तो मैं हैरान रह गया था। उस समय वह भारत में सबसे चमकदार क्रिकेट खिलाड़ी थे। वह काफी अलग तरह से पोजीशन में आकर गेंद को मारते थे। मैंने जितने भी बल्लेबाज देखे हैं, उनमें से वो सबसे ताकतवर हैं। उन्होंने कहा कि मुझे उनकी श्रीलंका के खिलाफ खेली गई 183 रनों की पारी याद है। उनकी ताकतवर बल्लेबाजी उस समय बेहतरीन थी।
अगला मैच पुणे में था और मैंने धोनी से कहा था कि आप हर गेंद को सीमारेखा के पार पहुंचाने के बजाए शॉट नीचे रखकर क्यों नहीं खेलते। अगले मैच में हम तकरीबन 260 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे थे और अच्छी स्थिति में थे। धोनी ने कुछ दिन पहले जो बल्लेबाजी की थी, वह उससे उलट बल्लेबाजी कर रहे थे। चैपल ने कहा कि हमें 20 रन चाहिए थे और धोनी ने 12वें खिलाड़ी आरपी सिंह के जरिए मुझसे छक्का मारने को पूछा था। मैंने कहा, तब तक नहीं जब तक लक्ष्य एक अंक में नहीं आ जाता। फिर जब हमें छह रन की जरूरत थी तो उन्होंने छक्का मारकर मैच समाप्त कर दिया।
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