हाइलाइट्स:

  • मुंबई में 15 अक्टूबर से ट्रेन सेवाओं को शुरू करने की तैयारी
  • आदित्य ठाकरे के अनुसार गंभीरता से विचार कर रही है सरकार
  • कोरोना के बीच लोकल में होने वाली भीड़ से हो सकता है खतरा

मुंबई
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने 31 अक्टूबर तक राज्य में लॉकडाउन बढ़ा दिया है। इसी के साथ मुंबई में लोकल (Mumbai Local Train) ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस बारे में संकेत देते हुए बताया कि राज्य सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि इस फैसले पर पेच भी फंस सकता है।

महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि राज्य सरकार 15 अक्टूबर से लोकल ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे आदित्य के बयान की पुष्टि की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि Covid-19 प्रोटोकॉल को फॉलो किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

मुंबई उपनगरीय ट्रेनें समयबद्ध होती हैं लेकिन भीड़ भी बहुत अधिक होती है। नौ बोगियों वाली मुंबई लोकल 1700 यात्रियों (प्रति स्क्वैयर मीटर में 4 यात्री) को ले जा सकने की क्षमता रखती है। लेकिन पीक समय में इसी ट्रेन में 5 हजार यात्रियों (प्रति स्क्वैयर मीटर में 14 से 16 यात्री) की भीड़ हो जाती है।

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मुंबई लोकल में होने वाली इतनी भीड़ के मद्देनजर कोरोना संक्रमण के बढ़ने का खतरा है। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के कोविड प्रॉजेक्शन मॉडल में सितंबर के मध्य से ट्रेन सेवाएं शुरू करने पर कोरोना की दूसरी लहर का खतरा बताया गया था।

मध्य रेलवे 1774 ट्रेन सेवाएं, जबकि पश्चिम रेलवे की तरफ से 1367 ट्रेन सेवाएं चलाई जाती हैं। कोविड संक्रमण से पहले हर चार मिनट पर एक गाड़ी के साथ ही मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में हर रोज 78 लाख यात्री सवारी करते थे। ट्रांसपॉर्ट के लिहाज से बेहद अहम मुंबई लोकल को पूरी तरह से बहाल करने को लेकर आम जनता के साथ ही नेताओं का भी दबाव है। इसका एक और पहलू रेवेन्यू भी है।



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