कांग्रेस में घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए है। इसके साथ उन्होंने उन पर हमला कर रहे पार्टी नेताओं को जवाब देते हुए कहा है कि वह कार्यकर्ताओं की आवाज़ उठा रहे है। कपिल सिब्बल ने कहा कि राहुल गांधी डेढ़ साल पहले यह कह चुके हैं कि वे अब कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बनना चाहते। उन्होंने यह भी कहा था कि वह नहीं चाहते कि गांधी परिवार का कोई भी व्यक्ति अध्यक्ष बने। इसको डेढ़ साल हो गया है, क्या कोई राष्ट्रीय पार्टी बिना अध्यक्ष के काम कर सकती है।

अपने ऊपर हो रहे हमलों पर उन्होंने कहा कि अगस्त 2020 में जो चिट्ठी लिखी गई थी, वो हमारी तीसरी चिट्ठी थी। इससे पहले दो पत्र और लिखे थे, पर किसी ने हमसे बात नहीं की। एक इंटरव्यू में उन्होंने अध्यक्ष पद पर चुनाव की वकालत करते हुए कहा कि संगठन में चुनाव बेहद जरूरी है। कपिल सिब्बल ने कहा कि वह किसी की क्षमता पर उंगली नहीं उठा रहे है, पार्टी के संविधान की बात कर रहे है। संविधान के मुताबिक चुनाव होना चाहिए। अगर हम खुद अपने संगठनों में चुनाव नहीं करवाएंगे तो हम जो रिजल्ट चाहते हैं वो कैसे मिलेगा। यही बातें हमने अपनी चिट्ठी में कही थीं।

कुछ समय पहले भी कपिल सिब्बल ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। सिब्बल ने कांग्रेस पर पिछले छह सालों में किसी भी तरह का आत्मविश्लेषण नहीं करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पार्टी की लीडरशिप पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि बिहार चुनाव में प्रदर्शन पर पार्टी का कोई रुख सामने नहीं आया है। ऐसा लगता है कि पार्टी मान रही है कि सबकुछ ठीक है। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने हालिया चुनावों पर कहा था किसिर्फ बिहार में ही नहीं, बल्कि देश में जहां-जहां भी चुनाव और उपचुनाव हुए हैं, वहां लोग कांग्रेस को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं।



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