राजद ने बिहार की नितीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजध अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने यह ऐलान कर दिया है कि बिहार सरकार में आठ ऐसे मंत्री हैं जो भ्रष्टाचारी हैं। उन्हें बेनकाब कर सरकार को निशाने पर रखना है। तेजस्वी के निशाने पर अब जेडी यू के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी हैं।
राजद के अनुसार मंत्री अशोक चौधरी ने नितीश कुमार की उस वक्त मदद की थी जब सीएम पर हत्या का मुकदमा कायम किया गया। श्री चौधरी ने सीएम के बचाव में यह कहा था कि आरोप लगाना एक बात होती लेकिन जब तक आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल ने हो जाये तब तक वो आरोप ही रहते हैं। दूसरी तरफ यह भी सच है कि मंत्री अशोक कुमार चौधरी की पत्नी के खिलाफ सीबीआई ने करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी का मुकदमा कर रखा है। यह मुकदमा उच्चतम न्यायालय में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने कायम कराया है। इस मामले में श्री चौधरी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट उनकी पत्नी का पक्ष सुने बिना ही फैसला सुना दिया। वो सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर कर आरोपी का पक्ष को रखेंगे।
बिहार में एनडीए सरकार के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। यूं भी कहा जा सकता है कि सिर मुंडाते ही ओले पड़ गये। सबसे पहले सरकार में शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को पहले दिन ही अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। वहीं राजद समेत सारा विपक्ष प्रदेश की नवगठित सरकार के पीछे पड़ गया है। सीएम नितीश कुमार अभी गद्दी पर ठीक से बैठे भी नही थे कि उनके दल के विधायक और शिक्षा मंत्री को पद से हाथ धोना पड़ा। दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री के चुनाव आयोग में जमा हलफनामे पर भी सवाल उठाये है। उनके अनुसार तारकिशोर प्रसाद ने 2005 से 2020 के बीच चुनाव आयोग में अपनी उम्र में हेरफर किया है। इस बात को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेर रही है।
कौन हैं अशोक कुमार चौधरी
वर्तमान बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्री अशोक कुमार चौधरी पहले कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके है। 2014 में कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश का अध्यक्ष बना दिया था। लेकिन 2016 में वो कांग्रेस से छिटक कर जेडीयू में शामिल हो गये और सरकार में मंत्री बनाये गये। तब से अशोक चौधरी नितीश कुमार की नाक के बाल बने हुए है।








