केंद्र सरकार के नए कृषि कानून के विरोध में देशभर के किसान ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन के तहत दिल्ली बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। दिल्ली कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए अब दिल्ली के नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेल बनाने की तैयारी में है पुलिस। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से 9 स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदलने के लिए इजाजत मांगी है।
यह भी पढ़ें- वाटर कैनन, आंसू गैस भी नहीं रोक पाए किसानों के कदम, आज दिल्ली आ रहे हजारों अन्नदाता, जानें सभी खास बातें
प्रदर्शन में शामिल पंजाब और हरियाणा के किसानों में से काफी लोग गुरुवार देर शाम तक राष्ट्रीय राजधानी के पास पहुंच गए। पंजाब के किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर शहर पुलिस ने सिंघू सीमा पर यातायात बंद कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर यातायात का आगमन भी बंद कर दिया गया था। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ आ रहे ट्रैक्टरों को रोकने के लिए सिंघू सीमा पर बालू से लदे पांच ट्रक और तीन वाटर कैनन (पानी की बौछार करने वाली गाड़ी) तैनात किए गए हैं।
तीस से अधिक किसान संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले पंजाब के किसानों ने घोषणा की थी कि वे लालडू, शंभू, पटियाला-पिहोवा, पातरां-खनौरी, मूनक-टोहाना, रतिया-फतेहाबाद और तलवंडी-सिरसा मार्गों से दिल्ली की ओर रवाना होंगे। किसान संगठनों ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की तरफ बढ़ने के दौरान उन्हें जहां रोका जाएगा, वहीं वे धरना देंगे। बीकेयू (एकता-उगराहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा है कि प्रदर्शन मार्च में करीब 25 हजार महिलाएं हिस्सा लेंगी और इसके लिए चार हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था की गई है।







