कोरोना संकट के बाद कारोबार और कंपनियों के दोबारा खुलने से बड़े वेतन वाली नौकरियों (व्हाइट कॉलर जॉब) के अवसर में बढ़ोतरी हुई है। नौकरी.कॉम और मॉन्स्टर.कॉम की अलग-अलग रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

नौकरी.कॉम के जॉबस्पीक इंडेक्स के अनुसार, नवंबर महीने में नौकरियों की नई लिस्टिंग में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 28 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है लेकिन अप्रैल 2020 के मुकाबले इसमें 82 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस इस बात का साफ संकेत हैं कि हालात अभी भी पूरी तरह से नहीं सुधरे हैं लेकिन लॉकडाउन के बाद तेजी से सुधार हुआ है। वहीं, मॉन्स्टर इम्प्लॉयमेंट इंडेक्स के अनुसार, नवंबर महीने में नई जॉब पोस्टिंग में छह फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है एक साल पहले इसी महीने की तुलना में। हालांकि, यह संख्या संख्या उत्साहजनक है क्योंकि लॉकडाउन के महीनों में रोजगार पोस्टिंग 40% से अधिक की गिरावट आ गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होने से मांग बढ़ी है। इसके चलते कंपनियां नई भर्तियों पर जोर दे रही हैं। ब्लू कॉलर (श्रमिक और ठेके पर काम करने वाल लोग) के बाद व्हाइट कॉलर की जॉब अब बढ़ी है। हालांकि, पर्यटन और अतिथ्य उद्योग में अभी भी बंद हैं। इन दोनों सेक्टर के खुलने से मांग और तेजी से बढ़ेगी।

आत्मविश्वास बहाली से सुधरी स्थिति

लॉजिस्टिक्स कंपनी जीएक्सप्रेस शॉल्यूशन के संस्थापक प्रवीण वशिष्ठ ने बताया कि वह 200 लोगों की नई नियुक्ति करने जा रहे हैं। इसमें से अधिकांश व्हाइट कॉलर जॉब वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने 27 ब्रांच के लिए वेयरहाउस मैनेजर, मैनेजर सेल्स आदि की नियुक्ति करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कारोबारी जगत में एक बार फिर से विश्वास बहाल हो गया है। कोरोना का टीका जल्द लगने की खबर से विश्वास बहाली हुआ है। वहीं, मॉन्स्टर डॉट कॉम के सीईओ शेखर गरिसा ने कहा कि कॉरपोरेट जगत को यह पता नहीं कि यह महामारी कब खत्म होगा लेकिन वह इस बात से आशान्वित है कि कोरोना का टीका जल्द बाजार में आ जाएगा। इसके बाद बाजार में फिर से तेजी लौट जाएगी। वह इसी उम्मीद में एक बार फिर से हायरिंग में तेजी ला रहा है।

किन क्षेत्रों में निकल रहीं हैं नौकरियां

प्रौद्योगिकी सेवाओं के अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, ई-कॉमर्स, वित्तीय सेवाएं, केपीओ, और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों ने बड़े वेतन वाले जॉब के लिए हायरिंग शुरू हुई है। हालांकि, सेल्स और मार्केटिंग जिसमें बड़ी संख्या में नियुक्तियां होती है अभी भी सुस्त पड़ा हुआ है। हाल के दिनों में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, फ्लिपकार्ट, इंटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी जैसी कंपनियों में नई नियुक्तियां की गई है।
बिक्री बढ़ाने के लिए नई नियुक्ति जरूरी
टीमलीज के सह-संस्थापक और कार्यकारी उपाध्यक्ष रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा कि कोरोना संकट के बाद उपभोक्ता शांति से बैठे हुए हैं। उन्हें नहीं पता कि बचत करना है या खर्च। कंपनियों को मांग बढ़ाने और ग्राहकों से खर्च कराने के लिए अपने विपणन और बिक्री नेटवर्क को मजबूत करना होगा। लोन मोरेटोरियम खत्म होने के बाद बैंक को कलेक्शन एजेंट और टेली कॉलर्स की जरूरत होगी।

ज्यादा रोजगार की उम्मीद बढ़ी

भारत में हर पांच में से दो यानी 40 फीसदी पेशेवरों को अगले साल नई नौकरी बढ़ने की उम्मीद है। यह जानकारी गुरुवार को जारी हुए लिक्डइन के इयर-एंड सर्वेक्षण प्लेटफॉर्म डाटा फॉर 2020 में कही गई। इसी साल अप्रैल में कराए गए लिंक्डइन सर्वेक्षण में महज 19 फीसदी लोगों ने अगले साल नई नौकरी बढ़ने की उम्मीद जताई थी। यानी, ज्यादा रोजगार की उम्मीद जताने वाले पेशेवरों के अनुपात में दोगुने से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से नवंबर तक की अवधि में पेशेवरों का औसत कन्फिडेंस स्कोर 50 से 57 के बीच बना रहा। 53 फीसदी पेशेवरों ने उम्मीद जताई कि अगले छह महीने में कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक 78 फीसदी यानी हर पांच में से करीब चार बेरोजगार पेशेवरों ने तनाव महसूस किया। सिर्फ 32 फीसदी यानी तीन में से करीब एक भारतीय पेशेवर ने उम्मीद जताई कि अगले साल उनकी आय बढ़ सकती है। इस हॉलीडे सीजन के बारे में 61 फीसदी यानी पांच में से तीन ने कहा कि वे कम छुट्टी लेंगे।

EPFO: PF खाताधारकों के खातों में आएगा 31 दिसंबर तक पैसा! ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपनी पासबुक 



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here